VARANASI NEWS: राष्ट्रपति ने प्रोफेसर हरेराम त्रिपाठी, कुलपति, कविकुलगुरु कालिदास संस्कृत विश्वविद्यालय, रामटेक, नागपुर को तेजपुर केन्द्रीय विश्वविद्यालय,असम की सर्वोच्च बॉडी के प्रबंधन समिति में सदस्य के रूप में नामित किया है। यह नामांकन तीन वर्ष की अवधि के लिए किया गया है,जो 08 जुलाई, 2025 से प्रभावी होगा।इस आशय की जानकारी भारत सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के अनुसचिव राजेश कुमार एवं तेजपुर केन्द्रीय विश्वविद्यालय, तेजपुर, असम के कार्यकारी कुलसचिव प्रो प्रीतम दबे ने दिया है। ’प्रोफेसर हरेराम त्रिपाठी की पृष्ठभूमि’ संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के पूर्व कुलपति प्रोफेसर हरेराम त्रिपाठी ग्राम चकिया, पोस्ट शंकरपट्टखौली, जनपद कुशीनगर के निवासी हैं। वह वर्तमान में कविकुलगुरु कालिदास संस्कृत विश्वविद्यालय, रामटेक, नागपुर में कुलपति पद पर कार्यरत हैं। वह भारतीय दर्शन, न्याय शास्त्र, सांख्य योग और संस्कृत साहित्य के प्रख्यात विद्वान हैं।देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के विभिन्न परिषदों के सदस्य एवं सलाहकार के दायित्वों का भी निर्वहन कर रहे हैं,इसके साथ नैक मूल्यांकन के अध्यक्ष के रूप में भी विभिन्न संस्थाओं में मूल्यांकन के दायित्वों का निर्वहन किया है। देश भर में भारतीय ज्ञान परम्परा के विशेषज्ञ के रूप में भी जाने जाते हैं। प्रोफेसर त्रिपाठी को संस्कृत के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए कई पुरस्कार और सम्मान प्राप्त हुए हैं, जिनमें मां राष्ट्रपति द्वारा वादरायण व्यास सम्मान, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पाणिनि पुरस्कार और शांकर पुरस्कार सहित अनेकों पुरस्कार एवं सम्मान शामिल हैं।प्रोफेसर हरेराम त्रिपाठी ने महामहिम राष्ट्रपति, शिक्षा मंत्री और केंद्र सरकार के प्रति आभार प्रकट किया है।







