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भारत की ज्ञान परंपरा को विद्यालयो मे शिक्षण के दौरान विकसित करें शिक्षक: महेंद्र कुमार

MIRZAPUR NEWS: प्रदेश प्रभारी उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ एवं उपाध्यक्ष अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ महेंद्र कुमार जी का आगमन शनिवार को नगर के बल्ली का अड्डा स्थित प्लेवे स्कूल के सभागार में हुआ। उनके द्वारा संगठन के कार्यो की संक्षिप्त समीक्षा की गयी। बैठक का शुभारम्भ अंगवस्त्रम एवं स्मृतिचिन्ह के द्वारा स्वागत कर जिलाध्यक्ष राजनाथ तिवारी द्वारा किया गया।पदाधिकारियो को संबोधित करते हुए महेंद्र कुमार जी ने कहाकि भारत की ज्ञान परंपरा को विद्यालयो मे शिक्षण के दौरान विकसित किया जाय, ताकि भारत के प्रति गौरव कैसे पैदा हो, दुनिया का श्रेष्ठतम भारत है। इसका प्रयास करें। आज हमारे देश मे प्रोफेसर्स सोचते है कि मेरा पढाया अमुक बच्चा गुगल मे नौकरी पाया, ऐसी सोच की बजाय राष्ट्र सर्वोपरि का भाव रखना चाहिए। कहाकि हमारे केंद्र बिंदु विद्यार्थी है, बिल्डिंग और स्मार्ट क्लास से नही, बल्कि शिक्षक और शिक्षार्थी से होगा। हमने हर फिल्ड मे हमने दुनिया को दिया। इथिक्स के माध्यम से भारत के गौरव को उन सबके बारे मे बताएं। आग्रह किया कि जो चीजे अभिमावक घर पर नही दे पा रहा है, वह शिक्षको को देना चाहिए। हमारे कक्षा मे आने वाले बच्चे का समाधान कर आगे ले जाएं। कोर्स की बजाय, बच्चो से करीबी बनाएं, उनकी वस्तुस्थिति जाने और उनकी प्रतिभा को तरासें और तरासकर उसकी क्वालिटी बढाएं, ताकि वह कुछ भी करने की स्थिति मे रहे। गुरुवंदन कार्यक्रम का हेतु यही है कि शिक्षक और शिक्षार्थी के बीच की दूरी समाप्त हो जाय और आत्मीयता बढ जाये। शिक्षको को इस पर फोकस करना चाहिए।  महेंद्र कुमार ने शैक्षिक महासंघ के प्रांतीय अभ्यास वर्ग पर चर्चा किया और पदाधिकारियो से वार्ता किया। ब्लाक मे अधिकतम 15 की कारःयकारिणी रखें। ब्लाक को छोटाकर न्याय पंचायतो मे 5 की कमेटी गठित करिये। उन्होने कहाकि शैक्षिक महासंघ शिक्षक हितो की बात करता है,  तो आर एस एम, सीएम से मिलने वाला संगठन है। तीन से चार बार 2004 के विज्ञापन वालो को पुरानी पेंशन को लेकर वार्ता हो चुकी है। पुन: मिलकर कराया जाएगा। टेट के मुद्दे पर कहाकि टेट के विरोध मे एक साथ ज्ञापन दिया गया, मुख्यमंत्री जी ने ट्वीट किया और सरकार कोर्ट गयी। सरकार शिक्षको के साथ है। सुप्रीम कोर्ट से रिलिफ मिल जाय, तो ज्यादा अच्छा होगा। बताया कि पिछले महिने 8 तारीख को केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी एवं एनसीटीई के डायरेक्टर से वार्ता हुई है। सार्थक वार्ता शैक्षिक महासंघ कर रहा है। कैशलेश हुआ वह महासंघ की दैन है। ईएल और हाफ लीव आदि के लिए भी मौखिक वार्ता हुई है, कागजी अमल मे लाने की जरुरत है।
बैठक मे दिल्ली विश्वविद्यालय की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. सृष्टि, विंध्याचल मंडल के मंडल अध्यक्ष अखिलेश वत्स,  सोनभद्र जिलाध्यक्ष अशोक कुमार त्रिपाठी, जिलाध्यक्ष राजनाथ तिवारी, अनिल प्रकाश द्विवेदी, वीरभानु सिंह, नरेन्द्र बहादुर सिंह, मनोज कुमार शुक्ला, राजदेव सिंह, विमलेश अग्रहरि, अविनाश चौधरी, राजेश कुमार, सर्वेश त्रिपाठी, सुनील कुमार सिंह, अनिल कुमार सिंह, राहुल प्रताप सिंह, सुरेन्द्र कुमार राय, राकेश मौर्या, प्रदीप कुमार तिवारी, कडे शंकर गौड आदि पदाधिकारीगण रहे। संचालन जिला संगठन मंत्री अनिल कुमार त्रिपाठी ने किया। यह जानकारी जिला मीडिया प्रभारी विमलेश अग्रहरि ने दी है।