JHANSI NEWS: महानगर अंतर्गत सुदर्शन गार्डन उन्नाव बालाजी रोड पर भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा मॉक पार्लियामेंट का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री बी.एल वर्मा ने दीप प्रज्वलन कर किया। पार्लियामेंट का प्रमुख विषय 25 जून 1975 आधी रात को लगाई गई इमरजेंसी था, जो देश के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में जाना जाता है। इस दिन इंदिरा गांधी ने देश पर जबरदस्ती इमरजेंसी थोपी और लोकतंत्र का गला घोंटने का कार्य किया था। जिसमें एक लाख से अधिक विपक्षी नेताओं, कार्यकर्ताओं, पत्रकारों एवं निर्दोष नागरिकों को बिना मुकदमे के जेल में डाल दिया गया। प्रेस की स्वतंत्रता पूरी तरह से समाप्त कर दी गई, न्यायपालिका को धमकाया गया और देश की संसद को एक रबर स्टैंप की तरह प्रयोग किया गया । इंदिरा गांधी ने 42 वें संशोधन के माध्यम से उस दिन संविधान का घोर अपमान किया था। इस अपमान को पूरे 50 वर्ष हो गए हैं और भारत के इतिहास में आपातकाल से बड़ी काली रात नहीं आई होगी। आपातकाल के माध्यम से तत्कालीन कांग्रेस की सरकार ने जो छल भारतीय जनमानस के साथ किया, जिससे उनके नैतिक एवं संवैधानिक अधिकारों का मूल हनन हुआ। यह दौर केवल संवैधानिक संकट का दौरा नहीं था बल्कि यह इंदिरा गांधी द्वारा सत्ता का दुरुपयोग था। इसी विषय को लेकर मॉक पार्लियामेंट में बुंदेलखंड के 8 जिलों से आए लगभग 150 से अधिक प्रतिभागियों ने अपना पक्ष आपातकाल के ऊपर रखा, जिसे स्पीकर द्वारा प्रमुख रूप से सुना गया। सदन ने संकल्प लिया 25 जून को तानाशाही के खिलाफ राष्ट्रीय प्रतिरोध दिवस के रूप में मनाया जाएगा।इस प्रस्ताव को सदन के द्वारा पूर्ण समर्थन के साथ पारित किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ सभी अतिथिओ ने दीप प्रज्वलन करके किया। बीo एलo वर्मा ने कहा 25 जून 1975 की काली रात इतिहास का वह काला अध्याय है जो ना कभी भूला जा सकेगा और ना ही कभी मिटाया जा सकेगा। उस दिन व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए लोकतंत्र की हत्या की गई, आज उस घटना को 50 साल बीत जाने के बाद भी उसका दंश हृदय पर है। कांग्रेस अपनी गलती को आज भी मानने के लिए तैयार नहीं है। कुर्सी बचाने के लिए एक महिला ने देश को आपातकाल की आग में झोंक दिया और निर्दोषों को जेल में भर दिया उनके साथ मान्यता की सारी हदें पार की गई, उन्हें चोट पहुंचाई गई और देश की एकता अखंडता को तोड़ने का कार्य उस दिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने किया। सांसद अनुराग शर्मा ने कहा की प्रेस की पूरी स्वतंत्रता समाप्त कर दी गई थी और उनसे उनका लिखने का अधिकार तक छीन लिया गया था और जिन्होंने लोकतंत्र की हत्या की आज वही कोंग्रेसी लोग संविधान की प्रति लेकर संविधान बचाने की बात करते हैं। कार्यक्रम में स्पीकर के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व सांसद भानु प्रताप वर्मा तथा पूर्व सांसद गंगा चरण राजपूत, विशिष्ट अतिथि के रूप में सांसद अनुराग शर्मा, एमएलसी रमा निरंजन, जिलाध्यक्ष हेमंत सिंह परिहार व प्रदीप पटेल, रामकिशोर साहू, अशोक राजपूत उपस्थित रहे। मॉक पार्लियामेंट का संचालन 4 सत्र मे हुआ और सभापति ने पक्ष एवं विपक्ष को धैर्यपूर्वक सुना और अपना निर्णय दिया। कार्यक्रम में शिवबीर भदोरिया प्रदेश उपाध्यक्ष कार्यक्रम प्रभारी, आशीष उपाध्याय, राम जी परिहार, वीरेंद्र प्रताप सिंह, निशांत शुक्ला, अमित सिंह जादौन, नेहिल सिंघई, शशांक गुरनानी, ओमबिहारी भार्गव कार्यक्रम संयोजक ,मनीष वाजपेई कार्यक्रम सहसंयोजक, पंकज तिवारी, रवि राजपूत, मुकुल द्विवेदी, चेतन ओझा, अनुज मिश्रा, अनिल सेन भरत राजपूत, मयंक द्विवेदी, हीरो मिश्रा, लकी त्रिपाठी, नीतेश संज्ञा, राजकुमार जैन, राहुल कुशवाहा, अनिल सेन, राहुल तिवारी, अनुभव चतुर्वेदी, दिव्यांश पाखरे, सोनम राजा सिंह, रूबी कुशवाहा, पीयूष मिश्रा आदि लोग उपस्थित रहे। इंजी.अमित सिंह जादौन ने सभी का आभार व्यक्त किया।







