KAUSHAMBI NEWS: बाल वाटिका एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के प्रभावी संचालन तथा अर्ली चाइल्डहुड केयर एंड एजुकेशन (ईसीसीई) को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से लखनऊ में आयोजित पांच दिवसीय राज्य स्तरीय संदर्भदाता प्रशिक्षण का समापन शुक्रवार को हुआ। समापन सत्र में महानिदेशक, बेसिक शिक्षा डॉ. मोनिका रानी ने कहा कि जनपद एवं ब्लॉक स्तर पर आयोजित होने वाले प्रशिक्षण पूरी गुणवत्ता, सक्रिय सहभागिता और निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न कराए जाएं। प्रशिक्षण की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। महानिदेशक डॉ. मोनिका रानी ने राज्य गुणवत्ता सेल के सदस्यों एवं प्रदेशभर से आए संदर्भदाताओं के साथ संवाद करते हुए प्रशिक्षण की उपयोगिता, व्यवहारिक पक्ष और भविष्य में अपेक्षित सुधारों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि ईसीसीई कोर प्रशिक्षण आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, ईसीसीई एजुकेटरों, प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों तथा नोडल शिक्षकों की क्षमता वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे बाल वाटिका में गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण के दौरान तैयार की गई पीपीटी एवं अन्य सहायक अध्ययन सामग्री का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रशिक्षण का उद्देश्य जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। पांच दिवसीय प्रशिक्षण में प्रदेशभर से 105 राज्य स्तरीय संदर्भदाताओं ने प्रतिभाग किया। जनपद कौशांबी का प्रतिनिधित्व जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) धर्मनाथ, डायट प्रवक्ता धीरज कुमार यादव, एआरपी नरेश कुमार तथा नोडल शिक्षक संकुल अनूप मोहन ने किया। प्रशिक्षण पूर्ण होने पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।







