SIDDHARTHNAGAR NEWS: ढेबरुआ थाना क्षेत्र के बढ़नी कस्बे में गुरुवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां करीब 40 वर्षों से रह रहे प्रसिद्ध अग्रवाल मेडिकल स्टोर संचालक मदन मोहन अग्रवाल (60) और उनकी पत्नी अंजू अग्रवाल (55) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना नगर पंचायत बढ़नी कस्बा के स्टेट बैंक के पास स्थित यूरो किड स्कूल के सामने, केडिया भवन में किराए के मकान में हुई। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसके आधार पर जांच जारी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कर्ज से परेशान दवा व्यापारी मदन मोहन अग्रवाल की गुरुवार सुबह संदिग्ध परिस्थिति में मृत्यु हो गई। घटना में उनकी पत्नी अंजू अग्रवाल के सिर पर चोट के निशान हैं और मदन मोहन अग्रवाल का गला रेता हुआ पाया गया। 60 वर्षीय मदन मोहन अग्रवाल की आर्य समाज रोड पर अग्रवाल मेडिकल स्टोर के नाम से दवा की दुकान थी। वह अपनी पत्नी अंजू अग्रवाल और बड़े बेटे राहुल अग्रवाल (39), उनकी पत्नी व बच्चों के साथ केडिया भवन के दो फ्लैट में रह रहे थे। उनका दूसरा बेटा रोहन अग्रवाल (36) अपने ससुराल में रहता है, जबकि दूसरे नंबर की बेटी खुशबू उर्फ गोल्डी की शादी बलरामपुर में हुई है। राहुल अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि उनके पिता प्रतिदिन की भांति सुबह साढ़े छह बजे टहलने गए थे। उसके थोड़ी देर बाद जब राहुल दूध देने अपने पिता के पास गए, तो कमरे का दृश्य देखकर स्तब्ध रह गए। उन्होंने देखा कि कमरे में बेड पर उनकी मां 55 वर्षीया अंजू अग्रवाल का शव पड़ा है और पूरे कमरे में खून फैला हुआ है। पिता मदन मोहन अग्रवाल का शव बरामदे में पड़ा था, उनका गर्दन किसी धारदार हथियार से रेती हुई थी और मां के सिर में चोट से खून बह रहा था। इसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मृतक दंपती के बड़े बेटे राहुल अग्रवाल, जो पिता के साथ होलसेल मेडिकल स्टोर पंजाब नेशनल बैंक के पास दुकान चलाते हैं, ने पुलिस को बताया कि वे दुकान का कामकाज देखते थे, जबकि लेखा-जोखा उनके पिता मदन मोहन अग्रवाल संभालते थे। राहुल ने पुलिस को बताया कि उनके पिता ने व्यापार के लिए बैंक से करीब 20 लाख रुपये का कर्ज लिया था, जिसमें से लगभग 10 लाख रुपये वे जमा कर चुके थे। हालांकि, पिछले दो-तीन दिनों से उनके पिता काफी परेशान दिख रहे थे और कई दिनों से किसी बात को लेकर चिंतित थे। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार, क्षेत्राधिकारी शोहरतगढ़ सुजीत राय, एसडीएम राहुल सिंह, थानाध्यक्ष ढेबरुआ गौरव सिंह, चौकी प्रभारी अनिरुद्ध सिंह और फोरेंसिक टीम पहुंच गई। टीम ने शवों को कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस को मौके से मिले सुसाइड नोट, आस-पास के सबूत और बेटे के बयान के आधार पर मामले की गहनता से पड़ताल की जा रही है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी सुजीत राय ने बताया कि फोरेंसिक टीम द्वारा मौके की पड़ताल और मिले सुसाइड नोट के आधार पर प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन अन्य पहलुओं पर भी पुलिस जांच कर रही है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और जैसी रिपोर्ट आएगी, उस आधार पर आगे मामले में जांच कर कार्यवाही की जाएगी।







