SIDHARTHNAGAR NEWS: नगर पंचायत बढ़नी के वार्ड नंबर 1 अंबेडकरनगर में पिछले 48 घंटों से जारी भीषण ब्लैकआउट का अंत तो हुआ, लेकिन प्रशासनिक नाकामी की कहानी जस की तस बनी हुई है। नगर पंचायत द्वारा खरीदे गए लाखों रुपये के मोबाइल ट्रांसफार्मर कबाड़ साबित होने के कारण स्थानीय नागरिकों को दो दिनों तक नरकीय स्थिति में रहने को मजबूर होना पड़ा। आखिरकार जब जिला मुख्यालय से नया ट्रांसफार्मर मंगवाया गया, तब जाकर दूसरे दिन देर रात करीब 12 बजे इलाके की विद्युत आपूर्ति बहाल हो सकी। आधी रात को बत्ती गुल होने की समस्या से तो राहत मिली, लेकिन बिजली विभाग और नगर पंचायत की लापरवाही का खामियाजा जनता आज भी भुगत रही है। तमाम दावों के बाद नया ट्रांसफार्मर तो ऊर्जीकृत कर दिया गया है, लेकिन पूरे क्षेत्र में बिजली का संकट अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इस नए ट्रांसफार्मर पर क्षमता से अधिक भारी लोड होने के कारण पूरे वार्ड नंबर 1 में अब गंभीर लो-वोल्टेज की समस्या खड़ी हो गई है। आलम यह है कि उमस और भीषण गर्मी के बीच घरों में लगे पंखे और कूलर सिर्फ नाममात्र के लिए चल रहे हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को इस तपती गर्मी में कोई खास राहत नहीं मिल पा रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली विभाग ने ट्रांसफार्मर तो बदल दिया, लेकिन क्षेत्र में बढ़ चुके लोड का सही आकलन किए बिना ही इसे लगा दिया गया, जिससे यह नया सिस्टम भी हांफने लगा है। इस पूरे घटनाक्रम ने बिजली विभाग की दूरदर्शिता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों और सभासद का कहना है कि यदि नगर पंचायत के मोबाइल ट्रांसफार्मर चालू हालत में होते, तो जनता को 48 घंटे तक बिना बिजली-पानी के तड़पना नहीं पड़ता। अब नया ट्रांसफार्मर लगने के बाद भी लो-वोल्टेज की समस्या बनी हुई है, जिससे उपकरण फुंकने का डर बना रहता है। क्षेत्र के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि विभाग ने जल्द ही इस अतिरिक्त लोड को री-डिस्ट्रीब्यूट (विभाजित) नहीं किया और जर्जर तारों को दुरुस्त कर वोल्टेज की समस्या का स्थाई समाधान नहीं निकाला, तो यह नया ट्रांसफार्मर भी जल्द ही दोबारा फुंक जाएगा और जनता एक बार फिर सड़क पर उतरने को मजबूर होगी।







