VARANASI NEWS: सनातन धर्म में अत्यन्त लोककल्याण, विश्वशान्ति और आध्यात्मिक उन्नयन हेतु त्रिदिवसीय महायज्ञ प्रारम्भ इस अवसर पर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि पुरुषोत्तम मास आध्यात्मिक साधना, धर्माचरण एवं लोकमंगल के लिए विशेष महत्व रखता है। इस पावन मास में संपन्न होने वाले यज्ञ, जप, तप एवं धार्मिक अनुष्ठान अनेक गुना पुण्यफल प्रदान करते हैं तथा समाज, राष्ट्र और विश्व में सुख, शान्ति एवं समृद्धि के संवाहक बनते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय वैदिक ज्ञान परम्परा के संरक्षण एवं प्रसार के अपने दायित्व का निर्वहन निरन्तर कर रहा है। यज्ञ के संयोजक एवं वेद विभाग के आचार्य डॉ. विजय कुमार शर्मा ने बताया कि त्रिदिवसीय इस वैदिक अनुष्ठान के माध्यम से वैदिक परम्पराओं के संरक्षण-संवर्धन, आध्यात्मिक उन्नयन, पर्यावरण शुद्धि, लोककल्याण तथा विश्वशान्ति की मंगलकामना की जाएगी। कार्यक्रम में वेद विभागाध्यक्ष प्रो. महेन्द्र पाण्डेय, प्रो. अमित कुमार शुक्ल, डॉ. विजेन्द्र कुमार आर्य, डॉ. दुर्गेश पाठक, हर्ष शर्मा, उत्कर्ष दीक्षित, आदर्श सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र उपस्थित रहे। यज्ञ के प्रथम दिवस पर श्रद्धा, भक्ति एवं वैदिक परम्परा का अनुपम संगम देखने को मिला।







