मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से राज्य निर्माण की मांग पहुंचाने का अभियान शुरू
टोल फ्री नंबर पर कॉल कर अपनी आवाज दर्ज कराने की अपील
FATEHPUR NEWS: पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से बुंदेलखंड राष्ट्र समिति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ को अपने आंदोलन का हिस्सा बनाया है। समिति के केंद्रीय अध्यक्ष प्रवीण पांडेय ने बुंदेलखंडवासियों से आह्वान किया है कि वे प्रधानमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने के लिए टोल फ्री नंबर पर कॉल कर पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग दर्ज कराएं। प्रवीण पांडेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देश के नागरिकों को सीधे संवाद का एक सशक्त मंच उपलब्ध कराया है। बुंदेलखंड की जनता को भी इस अवसर का उपयोग करते हुए क्षेत्र की समस्याओं और पृथक राज्य की मांग को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड लंबे समय से जल संकट, बेरोजगारी, पलायन, कृषि संकट और विकास की उपेक्षा जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। उन्होंने बताया कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम के लिए प्राप्त सुझावों और विचारों का आधिकारिक स्तर पर संकलन किया जाता है। इसी प्रक्रिया के तहत समिति द्वारा लोगों से टोल फ्री नंबर 1800-11-7800 पर कॉल कर अपनी बात रिकॉर्ड कराने का अभियान चलाया जा रहा है। प्रवीण पांडेय ने कहा कि कॉल करने के बाद बीप की आवाज सुनाई देती है, जिसके पश्चात लगभग 40 से 45 सेकंड के भीतर अपनी बात रिकॉर्ड करनी होती है। उन्होंने लोगों से पहले से संदेश तैयार रखने और स्पष्ट व प्रभावी ढंग से अपनी मांग रखने की अपील की। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति दो बार तक अपना संदेश रिकॉर्ड करा सकता है। समिति के केंद्रीय अध्यक्ष ने कहा कि पृथक बुंदेलखंड राज्य के गठन से क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाएं बनाई जा सकेंगी, संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा तथा रोजगार, सिंचाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में अपेक्षित विकास संभव हो सकेगा। उन्होंने युवाओं, किसानों, महिलाओं, छात्रों, व्यापारियों, बुद्धिजीवियों और सामाजिक संगठनों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। प्रवीण पांडेय ने कहा कि अब समय आ गया है कि बुंदेलखंड की आवाज सीधे देश के प्रधानमंत्री तक पहुंचे। उन्होंने लोगों से एक स्वर में आग्रह करने की अपील करते हुए कहा, “पीएम नरेंद्र मोदी सुनिए बुंदेलखंड के मन की बात, अबकी बार बुंदेलखंड राज्य।”







