पंचायत सचिव – प्रधान सगे मामा – भांजा का हुआ विरोध
ग्राम प्रधान अंकेश कुमार ने आरोपों को नकारा
FATEHPUR NEWS: जनपद के हसवा विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रसूलपुर भभैचा में प्रधानमंत्री आवास योजना के चयन में अनियमितता का मामला सामने आया है। गांव की एक महिला ने ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर मिलीभगत कर पात्र विधवा एवं असहाय महिलाओं के नाम आवास सूची से हटाने का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से जांच कर कार्रवाई की मांग की है। ग्राम पंचायत रसूलपुर भभैचा निवासी राधा देवी पत्नी रंजोला सिंह ने जिलाधिकारी को भेजे शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान अंकेश कुमार और पंचायत सचिव नरेश कुमार, जो आपस में मामा-भांजे बताए गए हैं, ने मिलकर प्रधानमंत्री आवास योजना में धांधली की है। शिकायत के अनुसार अपात्र लोगों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से पात्र लाभार्थियों के नाम सूची से हटा दिए गए। शिकायत में जिन महिलाओं के नाम सूची से हटाए जाने का आरोप लगाया गया है, उनमें संतोष कुमारी पत्नी रामनरेश, पुष्पा पत्नी सुखराज, सखेदा पत्नी स्व. संदीप कुमार, मुन्नी देवी पत्नी सत्यब्रत मिश्रा, रामरती पत्नी हरिलाल, गीता पत्नी राकेश कुमार, आरती देवी पत्नी राठौधन, आशा देवी पत्नी स्व. धरमपाल तथा राधा देवी पत्नी रंजोला सिंह शामिल हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि ये सभी महिलाएं विधवा अथवा असहाय श्रेणी में आती हैं और योजना का लाभ पाने की पात्र हैं। पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि पंचायत सचिव स्थानीय जनप्रतिनिधियों की अनदेखी करते हुए मनमाने ढंग से आवास सूची में नाम जोड़ रहे हैं तथा वास्तविक जरूरतमंदों को वंचित कर अपने करीबियों को लाभ पहुंचाया जा रहा है। शिकायत पत्र में ग्राम पंचायत की पेयजल व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप लगाया गया है कि पंचायत क्षेत्र में करीब 15 हैंडपंप मरम्मत योग्य हैं, जिनकी मरम्मत का भुगतान किए जाने के बावजूद उन्हें ठीक नहीं कराया गया, जिससे ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित महिलाओं ने जिलाधिकारी से पंचायत सचिव नरेश कुमार का तत्काल स्थानांतरण कर नए सचिव की नियुक्ति करने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है। शिकायत करने वालों में संतोष कुमारी, मुन्नी देवी, राधा देवी और आरती देवी के साथ दर्जनों लोग मौजूद रहे हैं। वहीं इस मामले में ग्राम प्रधान अंकेश कुमार ने दूरभाष पर वार्ता करते हुए बताया कि ये सही बात है कि गांव के कुछ पात्र लोगों का नाम कटा है लेकिन इसके लिए ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव कतई जिम्मेदार नहीं है क्यूंकि आवास सर्वे और सत्यापन का कार्य ब्लॉक द्वारा विभिन्न विभाग द्वारा कार्य करवाया गया यदि जरुरत पड़ी तो ग्रामीणों के साथ उनके हक़ और इन्साफ की लड़ाई मैं खुद साथ में लडूंगा।







