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पाठकपुर में खूंखार कुत्तों का आतंक, सात लोगों पर हमलाय ग्रामीणों ने प्रशासन से की तत्काल कार्रवाई की मांग

मृत मवेशियों के खुले में निस्तारण पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल, एसडीएम व डीएम को सौंपेंगे ज्ञापन
PRAYAGRAJ NEWS: थाना खीरी क्षेत्र की ग्राम पंचायत जोरवट के पाठकपुर गांव में आवारा एवं कथित रूप से खूंखार कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार तड़के करीब 3रू30 से 4रू00 बजे के बीच कुत्तों के झुंड ने गांव के कई लोगों पर हमला कर दिया, जिसमें सात लोग घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में भय और दहशत का माहौल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार हमले में राघवेंद्र शुक्ला पुत्र अवध नारायण, अनुराधा शुक्ला पत्नी राघवेंद्र शुक्ला, राघव मुरारी शुक्ला पुत्र लक्ष्मी नारायण शुक्ला, गायत्री देवी वर्मा पत्नी स्वर्गीय संगम लाल वर्मा, इंद्रलाल कुशवाहा (अध्यापक), उनकी सात वर्षीय पुत्री तथा एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए। ग्रामीणों के अनुसार इंद्रलाल कुशवाहा के हाथ और दाहिने कान पर गंभीर चोटें आईं, जबकि राघवेंद्र शुक्ला के चेहरे, राघव मुरारी के सीने और हाथ तथा गायत्री देवी के हाथ में गहरे घाव हुए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि हमले में इंद्रलाल कुशवाहा का दाहिना कान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। शोर-शराबा सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो कुत्ते भाग निकले। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (बेली अस्पताल), प्रयागराज रेफर किया गया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना के बाद ग्रामीणों ने गांव में संचालित सरकारी पशुबाड़े की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि मृत मवेशियों को गांव के समीप तालाब और श्मशान घाट के पास खुले में फेंक दिया जाता है, जिससे आवारा कुत्ते वहां एकत्र होकर अधिक आक्रामक हो गए हैं और अब इंसानों व पालतू पशुओं पर भी हमला कर रहे हैं। ग्रामीणों ने इस संबंध में ग्राम प्रधान पर लापरवाही का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि घटना के बाद एक हमलावर कुत्ते को मार गिराया गया, जबकि कुछ लोगों के अनुसार उसे घायल अवस्था में बांधा गया था, जो बाद में वहां से गायब हो गया। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि आसपास के गांवों, विशेषकर डीही पटखा में भी ऐसे कुत्तों की मौजूदगी देखी गई है, जिससे लोगों में लगातार भय बना हुआ है। पीड़ितों और ग्रामीणों ने थाना खीरी में लिखित प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने उपजिलाधिकारी कोरांव एवं जिलाधिकारी प्रयागराज को ज्ञापन सौंपकर आवारा कुत्तों पर प्रभावी नियंत्रण, मृत मवेशियों के वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निस्तारण तथा जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की मांग करने का निर्णय लिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में तत्काल सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है।