MIRZAPUR NEWS: (सुनील कुमार गुप्ता) मीरजापुर की प्राचीन कला, संस्कृति एवं ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने की दिशा में नपाध्यक्ष, श्याम सुंदर केशरी के निरंतर प्रयासों और संघर्षों का असर अब धरातल पर दिखाई देने लगा है। इसी क्रम में आज वासलीगंज किशुन प्रसाद की गली में बाबू किशुन प्रसाद अखाड़ा पहुंचकर नपाध्यक्ष श्याम सुंदर केशरी ने उन पहलवानों व् खिलाड़ियों को सम्मानित किया, जिन्होंने 16 अगस्त को प्रधानमंत्री की आर्थिक परिषद के सलाहकार संजीव सान्याल के समक्ष मीरजापुर की पारंपरिक कला एवं संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन कर जिले की गौरवशाली विरासत को देश के सामने प्रस्तुत किया था। इस अवसर पर कुश्ती, बाना-तलवार एवं गदा जैसी पारंपरिक कलाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का सम्मान कर नपाध्यक्ष श्याम सुंदर केशरी ने उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि मीरजापुर की यह प्राचीन कला, संस्कृति और परंपराएं केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी पहचान, इतिहास और गौरव की अमूल्य धरोहर हैं। नपाध्यक्ष श्याम सुंदर केशरी ने कहा कि इन विलुप्त होती पारंपरिक कलाओं को बचाने और खिलाड़ियों को उचित सम्मान एवं मंच दिलाने के लिए वह लगातार प्रयासरत हैं। उनके संघर्ष और पहल का उद्देश्य मीरजापुर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ना और उसे व्यापक पहचान दिलाना है। उन्होंने कहा कि हमारी जिम्मेदारी है कि सदियों पुरानी इन परंपराओं को केवल स्मृतियों तक सीमित न रहने दें, बल्कि इन्हें संरक्षित, संवर्धित और आने वाली पीढ़ियों तक जीवंत रूप में पहुंचाएं। नपाध्यक्ष ने विश्वास दिलाया कि मीरजापुर की कला एवं संस्कृति के संरक्षण के लिए आगे भी पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य जारी रहेगा।
बाबू किशुन प्रसाद अखाड़े के विकास का भी होगा कायाकल्प
नपाध्यक्ष श्याम सुंदर केशरी ने बाबू किशुन प्रसाद अखाड़े के सुंदरीकरण एवं विकास को लेकर भी महत्वपूर्ण आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि अखाड़े को बेहतर स्वरूप देने और यहां की पारंपरिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए शीघ्र ही आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ कराई जाएगी। नपाध्यक्ष ने कहा कि मीरजापुर की मिट्टी में कुश्ती, बाना-तलवार, गदा सहित अनेक पारंपरिक कलाओं की गौरवशाली परंपरा रही है। इन कलाओं और खिलाड़ियों को सम्मान दिलाना उनके लिए केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मीरजापुर की सांस्कृतिक विरासत को बचाने का संकल्प है। नपाध्यक्ष श्याम सुंदर केशरी जी के प्रयासों से मीरजापुर की कला, संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षण के साथ-साथ नई पहचान दिलाने की दिशा में निरंतर पहल की जा रही है।
हमारा संकल्प
मीरजापुर की विरासत का संरक्षण, खिलाड़ियों का सम्मान और हमारी गौरवशाली परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना।







