PRAYAGRAJ NEWS: इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने ट्रॉमा सेंटर में महिला अधिवक्ताओं के साथ कथित मारपीट के मामले में डॉक्टरों की हड़ताल और एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। एसोसिएशन ने इसे “ब्लैकमेल” की कोशिश करार देते हुए कहा कि कुछ आपराधिक तत्वों को बचाने के लिए दबाव की राजनीति की जा रही है। बार एसोसिएशन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि महिला अधिवक्ताओं के साथ हुई अभद्रता और मारपीट के मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। एसोसिएशन ने मांग की कि सीसीटीवी और वीडियो फुटेज में दिखाई दे रहे आरोपी डॉक्टरों एवं अन्य संबंधित लोगों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए तथा उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। एसोसिएशन ने डॉक्टरों की प्रस्तावित हड़ताल पर भी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चिकित्सा सेवा एक मानवीय दायित्व है और हड़ताल करना हिप्पोक्रेटिक शपथ की भावना के विपरीत है। बार ने कहा कि यदि अस्पतालों में कामकाज ठप होता है तो इसका सबसे अधिक नुकसान आम मरीजों और जरूरतमंद लोगों को उठाना पड़ेगा।
प्रेस विज्ञप्ति में जिला प्रशासन एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी से अपील की गई कि सरकारी अस्पतालों और मेडिकल सेवाओं को हर हाल में सुचारु रूप से संचालित रखा जाए, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बार एसोसिएशन ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि डॉक्टर हड़ताल पर जाते हैं तो उनके खिलाफ क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट एवं अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडेय और मानद सचिव अखिलेश कुमार शर्मा ने संयुक्त रूप से यह बयान जारी किया।







