गतिविधि आधारित शिक्षण से बच्चों को गणित समझा रहे शिक्षक मनमोहन सिंह चौहान
KAUSHAMBI NEWS: गणित को कठिन विषय मानने वाले बच्चों के लिए सिराथू के उच्च प्राथमिक विद्यालय कादीपुर में कार्यरत शिक्षक मनमोहन सिंह चौहान का गतिविधि आधारित शिक्षण का प्रयास नई राह दिखा रहा है। वह कक्षा में टीएलएम (शिक्षण-अधिगम सामग्री) का प्रभावी प्रयोग कर बच्चों को गणितीय अवधारणाएं समझा रहे हैं। इससे बच्चे किताबों और सूत्रों को रटने के बजाय गतिविधियों और प्रयोगों के माध्यम से गणित सीख रहे हैं। शिक्षक चौहान संख्या ज्ञान, जोड़-घटाव, गुणा-भाग, भिन्न, ज्यामितीय आकृतियां, मापन और कोण जैसी अवधारणाओं को सरल बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्री के साथ स्वयं तैयार किए गए टीएलएम का प्रयोग करते हैं। इन उपकरणों के माध्यम से बच्चों को कठिन लगने वाली गणितीय समस्याओं को आसानी से समझने का अवसर मिलता है।
कक्षा में बच्चों की सक्रिय भागीदारी पर विशेष जोर दिया जाता है। उन्हें सीधे उत्तर बताने के बजाय प्रश्नों पर सोचने, अनुमान लगाने और स्वयं समाधान तक पहुंचने के अवसर दिए जाते हैं। समूह गतिविधियों के दौरान बच्चे एक-दूसरे से सीखते हुए अपनी बात भी रखते हैं। इससे गणितीय समझ के साथ उनकी तर्कशक्ति, समस्या समाधान क्षमता और आत्मविश्वास का विकास हो रहा है। शिक्षक चौहान का मानना है कि गणित को रटने के बजाय समझकर और करके सीखना चाहिए। इसी उद्देश्य से वह बच्चों को गतिविधि आधारित शिक्षण से जोड़ रहे हैं। उनके प्रयास से बच्चों में गणित के प्रति रुचि बढ़ी है और वे कठिन प्रश्नों को भी उत्साह के साथ हल करने का प्रयास कर रहे हैं। टीएलएम आधारित शिक्षण से कक्षा का वातावरण भी जीवंत और सहभागितापूर्ण बन रहा है। बच्चों को सीखने के साथ प्रयोग करने और अपनी समझ को व्यवहार में उतारने का अवसर मिल रहा है। शिक्षक का यह नवाचार ‘सीखो, समझो और करके देखो’ की भावना को मजबूत करते हुए बच्चों को तार्किक और आत्मनिर्भर विद्यार्थी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास साबित हो रहा है।







