MIRZAPUR NEWS: संतनगर थाना क्षेत्र पटेहरा ब्लॉक के खंडवर मझारी गांव निवासी राजेश पटेल के 11 वर्षीय पुत्र शिवम पटेल की लगभग 6 महीने पहले अचानक तबीयत खराब हो गई थी।
इलाज के लिए परिजन गांव के ही एक झोलाछाप डॉक्टर विनोद कुमार मौर्य के पास ले गए। आरोप है कि डॉक्टर ने बीमारी की सही जांच किए बिना पैसे के लालच में गलत इंजेक्शन लगा दिया, जिससे बच्चे की तबीयत और बिगड़ गई। मिली जानकारी के अनुसार, झोलाछाप डॉक्टर की कोई शैक्षिक योग्यता नहीं है। उसने कमीशन के लालच में बच्चे को अन्य अस्पताल में भर्ती कराया। वहां इलाज के दौरान बच्चे की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और उसकी मृत्यु हो गई।
मृतक के पिता राजेश पटेल और मां शिवकुमारी पटेल के अनुसार, इलाज में करीब 10 लाख रुपये खर्च हो गए। गरीब परिवार इलाज के चक्कर में कर्ज में डूब गया। मीडिया से बात करते हुए परिजन नम आंखों से अपनी आर्थिक तंगी और पीड़ा बयां कर रहे थे।
परिजनों का सवाल है कि जिले में अवैध मेडिकल स्टोर और फर्जी झोलाछाप डॉक्टरों पर जिला प्रशासन और सरकार कब कार्रवाई करेगी। हर दिन जाने कितने मासूम लोगों की जान और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। पैसे के लालच में आम लोगों के लीवर, किडनी, फेफड़े, हृदय जैसे महत्वपूर्ण अंग जहरीली दवाओं से प्रभावित होकर बर्बाद हो रहे हैं।







