Home उत्तर प्रदेश जे.पी.एन.आई.सी. को निजी हाथों में सौंपना लोकनायक की विरासत के साथ अन्याय

जे.पी.एन.आई.सी. को निजी हाथों में सौंपना लोकनायक की विरासत के साथ अन्याय

MIRZAPUR NEWS: (सुनील कुमार गुप्ता) विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा के प्रतिनिधि डॉ. शक्ति श्रीवास्तव ने लखनऊ स्थित जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर को दीर्घकालीन अवधि हेतु निजी हाथों में सौंपने के कैबिनेट निर्णय पर गहरा रोष व्यक्त किया है। इस विषय में जानकारी देते हुए एम.एल.सी. प्रतिनिधि डॉ. शक्ति श्रीवास्तव ने बताया कि जे.पी.एन.आई.सी. कोई व्यवसायिक सम्पत्ति नहीं, बल्कि जनता के धन से निर्मित लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी की लोकतांत्रिक विरासत से जुड़ी एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक परिसंपत्ति है। इस अंतर्राष्ट्रीय केंद्र को 831 करोड़ रुपए में तीस वर्षों के लिए रॉकवुड होटल्स एंड रिजॉर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड व वृंदावन बॉटलर्स जैसी निजी कंसोर्टियम को दिया जाना प्रदेश की जनता व लोकतंत्र प्रेमियों के लिए कुठाराघात है, ऐसे में इसे चंद घरानों के निजी लाभ हेतु व्यवसायिक केंद्र बनाने के बजाय लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी के जीवन, संघर्ष, लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक विचारधारा व आदर्शों को समर्पित संस्थान के रूप में ही विकसित किया जाना चाहिए। ज्ञातव्य हो कि इस संदर्भ में एम.एल.सी. (स्नातक खंड) आशुतोष सिन्हा ने महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन वाराणसी के ए.सी.एम. प्रथम अवधेश कुशवाहा को सौंपा है, जिसमें कायस्थ समाज सहित लोकतन्त्र में आस्था रखने वाले नागरिकों की भावनाओं का सम्मान करते हुए प्रदेश सरकार के उक्त कैबिनेट निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उक्त जानकारी एम.एल.सी. आशुतोष सिन्हा के प्रतिनिधि डॉ. शक्ति श्रीवास्तव ने दी है।