KUSHINAGAR NEWS: जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति, रोगी कल्याण समिति, जिला क्षय रोग समिति, संचारी रोग नियंत्रण समिति, जिला एड्स समन्वय समिति, फाइलेरिया उन्मूलन समिति, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से संबंधित योजनाओं तथा जिला आयुष कार्यकारी निकाय की संयुक्त समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जनपद में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं एवं विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये । बैठक के दौरान पूर्व में आयोजित बैठकों में दिये गये निर्देशों के अनुपालन आख्या की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर प्रेरणा कैंटीन के संचालन की स्थिति की जानकारी प्राप्त की, जिस पर मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि 08 स्थानों पर कार्यवाही की जा रही है तथा शेष स्थानों पर संचालन की प्रक्रिया प्रचलित है। जिलाधिकारी ने कार्यों में तेजी लाते हुए सभी केंद्रों पर शीघ्र संचालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये। आशा कार्यकर्त्रियों सहित अन्य लंबित भुगतानों की समीक्षा के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा बताया गया कि बजट 3-4 दिन पूर्व ही प्राप्त हुआ है। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी लंबित भुगतान की कार्यवाही तत्काल पूर्ण कराते हुए संबंधित कार्मिकों एवं आशाओं को समय से भुगतान सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में कार्य न करने वाली आशाओं के संबंध में भी चर्चा की गई, जिस पर जिलाधिकारी ने निष्क्रिय एवं कार्य में रुचि न लेने वाली आशाओं के विरुद्ध सेवा समाप्ति की कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये। इसके अतिरिक्त पूर्व मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा नियम विरुद्ध भर्ती किये गये कर्मचारियों के लंबित बकाया भुगतान के संबंध में भी आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि भुगतान की कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करायी जाए। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि शासन की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अस्पतालों में बेहतर चिकित्सा व्यवस्था, साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों की उपस्थिति तथा मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार बनाए रखने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
बैठक में संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को नियमित साफ-सफाई, फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव एवं जनजागरूकता अभियान प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि संचारी रोगों की रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग, नगर निकायों एवं ग्राम पंचायतों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाए। जिला क्षय रोग समिति की समीक्षा के दौरान टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति, चिन्हित मरीजों के उपचार एवं पोषण सहायता की स्थिति की जानकारी प्राप्त की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि टीबी मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए उन्हें समय से दवा एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएं, जिससे जनपद को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को समय से प्राप्त किया जा सके।
जिला एड्स समन्वय समिति की समीक्षा के दौरान एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक व्यापक रूप से संचालित करने के निर्देश दिये गये। साथ ही फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की समीक्षा करते हुए जनपद में शत-प्रतिशत दवा सेवन सुनिश्चित कराने पर बल दिया गया।
आयुष्मान कार्ड की समीक्षा के दौरान अवशेष कार्डों के निर्माण हेतु संचालित सर्वे कार्यों का ब्लॉकवार विवरण प्राप्त किया गया। जिलाधिकारी ने अभी तक लंबित सर्वे कार्यों को शीघ्र पूर्ण किये जाने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। समीक्षा के दौरान प्रस्तुत किये गये संदेहास्पद आंकड़ों पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित बाबू/कम्प्यूटर ऑपरेटर को नोटिस जारी करने तथा डिप्टी सीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी किये जाने के निर्देश दिये। बैठक में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, टीकाकरण कार्यक्रम, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं, आयुष्मान भारत योजना तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए आमजन को अधिकाधिक लाभान्वित किया जाए।इसके अतिरिक्त जिला आयुष कार्यकारी निकाय की समीक्षा के दौरान आयुष विभाग द्वारा संचालित स्वास्थ्य सेवाओं एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों की प्रगति पर चर्चा की गई। आयुष चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने तथा अधिक से अधिक लोगों को आयुष सेवाओं से जोड़ने हेतु आवश्यक निर्देश दिये गये।बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी, उप जिलाधिकारी, जिला विकास अधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।







