FATEHPUR NEWS: जिला अस्पताल में सोमवार को महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बेटी है अनमोल, बेटी है भविष्य की डोर थीम पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने केक काटकर किया। इस दौरान उन्होंने नवजात बच्चियों और उनकी माताओं को बधाई देते हुए किट एवं पौधे भेंट किए। जिलाधिकारी ने कहा कि कन्या जन्मोत्सव केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि समाज में बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण का संदेश देने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि बेटियां परिवार, समाज और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं और आज वे शिक्षा, विज्ञान, खेल, प्रशासन, चिकित्सा तथा अन्य सभी क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। इसलिए प्रत्येक परिवार का दायित्व है कि वह बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और समान अवसर उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना सहित महिला एवं बाल कल्याण से जुड़ी अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य बेटियों को सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने अधिकारियों से पात्र परिवारों तक इन योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने माताओं से अपील की है कि वे अपने बच्चों का समय पर टीकाकरण अवश्य कराएं। उन्होंने बताया कि प्रत्येक ग्रामसभा में बुधवार और शनिवार को आयोजित वीएचएनडी सत्रों में बच्चों का नि:शुल्क टीकाकरण एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के एक पेड़ मां के नाम अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि माताओं को दिए गए पौधों की देखभाल अपनी बेटियों की तरह करें। वृक्ष पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ जीवन के लिए आवश्यक ऑक्सीजन का प्रमुख स्रोत हैं, इसलिए उनका संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी रिशांत ने महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी, जबकि मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने नवजात बच्चियों एवं माताओं को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम के दौरान नवजात बच्चियों के जन्म पर परिवारों को सम्मानित किया गया और बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का संदेश दिया गया। बड़ी संख्या में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा नवजात बच्चियों के परिजन उपस्थित रहे।







