Home उत्तर प्रदेश जल जंगल वन प्राकृतिक संपदा बचाने के लिए सौंपा ज्ञापन

जल जंगल वन प्राकृतिक संपदा बचाने के लिए सौंपा ज्ञापन

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को गुप्त काशी ट्रस्ट के संयोजक ने सौंपा ज्ञापन

SONBADHR NEWS: जनपद में आये  केन्द्रीय राज्यमंत्री भारत सरकार प्रदेश अध्यक्ष भाजपा उत्तर प्रदेश पंकज चौधरी को राष्ट्रहित में जनपद सोनभद्र के महत्वपूर्ण स्थलों के संरक्षण, संवर्धन, पर्यटन विकास के संदर्भ में सोनभद्र के विंध्य कैमूर तारिया वन क्षेत्र जो प्रागैतिहासिक, आध्यात्मिक, धार्मिक, वैज्ञानिक महत्व, सृष्टि सृजन, मानव सभ्यता की उत्पत्ति स्थली है। जिसमें ओम पर्वत, गोमुख, बाबा मछंदर नाथ, विजयगढ़ दुर्ग, गौ माता मंदिर, अमिलाधाम सहित अन्य अनगिनत प्रमुख धार्मिक स्थल है, जो सभी ऋषि-मुनियों द्वारा पूजित स्थापित है। जहां सभी ऋतुओं का आगमन होता है एवं अनगिनत हजारों भित्तिचित्र,  गुफाचित्र, गुफाएं, झरने, जल स्रोत, हजारों प्रकार की वनस्पतियां लाखों वर्षों के करोड़ों पेड़ मौजूद हैं  यहां पर अर्थक्लेव एवं इकोवैली पॉइंट मौजूद है, जिसका वैज्ञानिक महत्व है।जिसको देखकर भारत के प्रथम प्रधानमंत्री ने स्विट्जरलैंड की संज्ञा दिया था और इसे सेंचुरी एरिया घोषित कर संरक्षण किया। जिसमें आज तक कोई इंडस्ट्रीज नहीं लगी, हाल ही में आए महामहिम पूर्व राष्ट्रपति महोदय रामनाथ कोविंद  ने यहां के प्राकृतिक सौंदर्य भूत आत्मक पुरातात्विक ऐतिहासिक स्थलो देखकर कहा कि सोनभद्र नहीं देखा तो भारत नहीं देखा, ऐसे महत्वपूर्ण  स्थल जो सघन वन सेंचुरी एरिया है, जहां से भारत की टाइमलाइन चलती है जो कर्क रेखा के ठीक नीचे है, जहां पर सभी ऋतुओं का आगमन होता है और पूरा हिल स्टेशन है, जो बरसात के पानी को आकर्षित कर जल देता है जो माइनस टू क्षेत्र में आता है जहां से कर्मनाशा नदी घाघर, बेलन नदियो का प्रादुर्भाव है, जो सोनभद्र सहित आस-पास के क्षेत्र की लाईफ लाईन है जिस पर कई बाध बने हुए हैं लाखों- लाख किसानों की आजीविका चलती है इस पर एक साथ आठ पावर प्रोजेक्ट लगाने की अनुमति के कारण  खतरे में है, इस संदर्भ में  मुख्यमंत्री  ने भी परियोजनाओं को हस्तांतरित करने के लिए सम्बन्धित विभागो को पत्र भी लिखकर हस्तांतरित करने जहां पेड़ न हो या न के बराबर हो वहां लगाने की बात कही है और सोनभद्र में ऐसे बहुत सारे नंगे पहाड़ हैं जहां पच्चीसों हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट लगाये जा सकते हैं । लेकिन वर्तमान जिलाधिकारी महोदय द्वारा अनदेखी कर इन पहाड़ों की नापी जनसुनवाई बिना अनुमति पहाड़ों में होल बिना अनुमति के कर दिए गए हैं और माननीय उच्च न्यायालय में दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई भी चल रही है, इस संदर्भ में जब सभी को नोटिस हुई तो यह लोग जनसुनवाई कर गलत अनुमति बैक डेट में कर दिये है। यह वन, पहाड़ कोई साधारण नही है बल्कि भारत के सबसे महत्वपूर्ण वन पहाड़ों में से एक है यह जिसका बने रहना मानव जीवन के विकास के लिए अति महत्वपूर्ण है जिसे बचाकर भारत को पर्यावरणीय विनाश से बचाया जा सकता है के सन्दर्भ पत्रक सौंपकर वार्ता किया।