जाति प्रमाण पत्र प्रकरणों में गहन स्थलीय सत्यापन एवं स्पष्ट कारण अंकित करने के निर्देश
KUSHINAGAR NEWS: जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जनपदीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०), तहसीलदार हाटा, तहसीलदार तमकुहीराज, तहसीलदार कसया, तहसीलदार पडरौना, तहसीलदार खड्डा तथा जिला समाज कल्याण अधिकारी, कुशीनगर उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जनपद से संबंधित चार प्रकरणों की सुनवाई की गई। प्रत्येक प्रकरण में पक्ष एवं विपक्ष की बातों को गंभीरता से सुनने के उपरांत जिलाधिकारी ने संबंधित तहसीलदारों को निर्देशित किया कि जाति संबंधी विवादों का निस्तारण सामाजिक एवं प्रशासनिक प्रक्रिया के अंतर्गत किया जाए। उन्होंने कहा कि जाति प्रमाण पत्र हेतु प्राप्त आवेदनों एवं संबंधित प्रकरणों की तहसीलदार स्वयं गहन जांच करें तथा आवेदक के सामाजिक, पारिवारिक एवं वैवाहिक संबंधों को ध्यान में रखते हुए स्थलीय सत्यापन के उपरांत शासनादेशों में वर्णित व्यवस्था के अनुसार निस्तारण सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि यदि किसी व्यक्ति के जाति प्रमाण पत्र आवेदन को स्वीकृत अथवा निरस्त किया जाता है तो उसके संबंध में स्पष्ट एवं तथ्यात्मक कारण अंकित किए जाएं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्णय शासनादेशों में वर्णित प्रावधानों, स्थलीय जांच एवं सामाजिक परिस्थितियों के आधार पर ही लिया जाए। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि जाति प्रमाण पत्रों से संबंधित मामलों में वादी अथवा प्रतिवादी द्वारा जनता दर्शन अथवा समाधान दिवस में शिकायत प्रस्तुत करना निर्धारित शासकीय प्रक्रिया नहीं है। उन्होंने जनमानस को जानकारी देते हुए बताया कि यदि किसी व्यक्ति का जाति प्रमाण पत्र निर्गत नहीं हो रहा है अथवा किसी अन्य व्यक्ति के जाति प्रमाण पत्र पर आपत्ति है, तो शासन द्वारा निर्धारित प्रारूप पर जनपदीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति के समक्ष अपील प्रस्तुत की जाएगी।उन्होंने आगे बताया कि जनपदीय समिति के निर्णय से असंतुष्ट होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति मंडलायुक्त की अध्यक्षता में गठित मंडलीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति के समक्ष अपील कर सकता है। मंडलीय समिति के निर्णय के विरुद्ध प्रमुख सचिव, समाज कल्याण की अध्यक्षता में गठित राज्य जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति के समक्ष अपील की जा सकेगी। यदि कोई व्यक्ति राज्य समिति के निर्णय से भी संतुष्ट नहीं है, तो वह माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष अपील प्रस्तुत कर सकता है। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि जाति प्रमाण पत्रों से संबंधित समस्त प्रकरणों का निस्तारण शासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया एवं प्रावधानों के अनुरूप ही किया जाए।







