गोरखपुर की रहने वाली हैं सभी महिला अभियुक्त, मऊ का है बोलेरो चालक; पीड़ितों ने थाने में की यातना
SIDHARTHNAGAR NEWS: जनपद के ढेबरुआ थाना क्षेत्र के बढ़नी कस्बे में सक्रिय अंतरजनपदीय टप्पेबाज़ी और आभूषण स्नेचिंग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने पांच महिला अभियुक्तों समेत एक पुरुष अभियुक्त को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। गिरफ्तार महिला अभियुक्त मूल रूप से गोरखपुर जनपद की निवासी हैं, जबकि बोलेरो चालक मऊ जनपद का रहने वाला है। बुधवार को आवश्यक कानूनी कार्रवाई व चिकित्सीय परीक्षण के बाद न्यायालय के आदेश पर सभी को जेल भेजा गया। विगत दिनों बढ़नी क्षेत्र में आभूषण चोरी की शिकार हुईं तीन पीड़ित महिलाओं ने थाने पहुंचकर पकड़ी गई महिला अभियुक्तों की अकाट्य शिनाख्त की है। पुलिस की जांच और पीड़ितों के बयान से इस अंतरजनपदीय गिरोह के काम करने के चौंकाने वाले तरीकों का पर्दाफाश हुआ है, जो आम जनता के लिए एक बड़ी चेतावनी है। यह गिरोह बकायदा बोलेरो गाड़ी से आता था और सड़क किनारे या भीड़भाड़ वाले इलाकों में उतरकर सक्रिय हो जाता था। इनके शिकार करने के कई पैंतरे थे; कभी ये आम राहगीर बनकर ई-रिक्शा में सवार हो जाती थीं, तो कभी व्यस्त बाजारों में जानबूझकर किसी का पैर कुचल देती थीं ताकि पीड़ित का ध्यान भटक जाए। यही नहीं, गिरोह की महिलाएं अचानक बीमारी या गश खाकर गिरने का बहाना बनाती थीं और जैसे ही कोई सहानुभूतिवश उन्हें थामने बढ़ता, ये सहारा लेने के बहाने पीछे से उसकी गर्दन या कंधे पर हाथ रखकर पलक झपकते ही सोने की चेन या आभूषण स्नेच कर रफूचक्कर हो जाती थीं। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर महिलाओं की यह शातिर ‘ट्रिक’ आम नागरिकों के लिए सजग रहने का एक बड़ा सबक है। ढेबरुआ पुलिस के अनुसार, विधिक अभिरक्षा में जेल भेजे गए अभियुक्तों की पहचान रीतू (32) पत्नी गुड्डू, पूजा (24) पत्नी बिरजू, सुनीता (20) पत्नी गुलबदन, गुड्डी (50) पत्नी रामू (सभी निवासी: करवानिया पार, थाना बड़हलगंज, जनपद गोरखपुर), सोनी (30) पत्नी राजेश (निवासी: सिद्धिपार, थाना बड़हलगंज, जनपद गोरखपुर) तथा बोलेरो चालक दयानन्द सागर (25) पुत्र रामप्यारे (निवासी: नगरीपार, थाना दोहरीघाट, जनपद मऊ) के रूप में हुई है। ज्ञात हो कि मंगलवार को स्थानीय युवाओं ने बोलेरो का पीछा कर इस संदिग्ध गिरोह को पकड़ा था। थानाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद ने बताया कि नियमानुसार सुसंगत धाराओं में विधिक कार्रवाई पूर्ण कर सभी अभियुक्तों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस गिरोह के आपराधिक इतिहास और अन्य कड़ियों की गहनता से पड़ताल कर रही है।







