FATEHPUR NEWS: ग्राम ललौली के ग्राम प्रधान एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपते हुए गांव में चल रहे कब्जा परिवर्तन एवं पैमाइश कार्य पर आपत्ति दर्ज कराई। ग्रामीणों ने बिना सर्वेक्षण के की जा रही चकबंदी प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की। जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि गांव में चक्रवर्ती टीम द्वारा कब्जा परिवर्तन और पैमाइश का कार्य किया जा रहा है, लेकिन गांव का समुचित सर्वे नहीं कराया गया है। सर्वे न होने के कारण चक निर्माण के दौरान पूर्वजों की कब्रें, बाग-बगीचे, मकान तथा अन्य संपत्तियां एक-दूसरे के चकों में शामिल हो रही हैं, जिससे गांव में विवाद और तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान प्रक्रिया के चलते आपसी मतभेद बढ़ रहे हैं और भविष्य में मारपीट अथवा अन्य अप्रिय घटनाओं की आशंका बनी हुई है। उन्होंने मांग की कि पहले पूरे गांव का निष्पक्ष सर्वेक्षण कराया जाए और उसके बाद नया चक निर्माण कर कब्जा परिवर्तन एवं पैमाइश की कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि सर्वे न होने के कारण गांव के अधिकांश काश्तकारों के रकबे में भारी कमी दर्शाई गई है। ग्रामीणों के अनुसार लगभग 80 प्रतिशत किसानों की भूमि कम कर दी गई है, जिससे उनमें भारी असंतोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम ललौली प्रतिवर्ष बाढ़ की चपेट में आता है और गांव का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो जाता है। ऐसी स्थिति को देखते हुए चकबंदी कार्य से पूर्व विस्तृत सर्वेक्षण कराया जाना आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन को आश्वस्त किया कि सर्वेक्षण के बाद गांव के सभी लोग चकबंदी कार्य में पूर्ण सहयोग करेंगे। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की कि बिना सर्वे के चल रही चकबंदी एवं कब्जा परिवर्तन की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोका जाए तथा निष्पक्ष सर्वेक्षण कराकर ही आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर ग्राम प्रधान मोहम्मद शमीम, अकील अहमद, इजहार खान, असलम खान, मोबीन खान, शाहिद अली, मोहम्मद हसन, इफ्तिखार खान, नौशाद अली, रिजवान खान, अनीश अली, अशरफ खान, इश्तियाक खान, मुबारक खान, अल्ताफ खान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।







