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गोरखपुर में शिक्षामित्र सम्मान समारोह का सजीव प्रसारण, बढ़े मानदेय के प्रमाण पत्र वितरित

राज्य मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम की उपस्थिति में कुशीनगर में शिक्षामित्र सम्मान समारोह का सजीव प्रसारण एवं मानदेय प्रमाण पत्र वितरण सम्पन्न

KUSHINAGAR NEWS: मुख्यमंत्री द्वारा गोरखपुर में शिक्षामित्र सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय का प्रमाण पत्र वितरित किया गया जिसका सजीव प्रसारण कलेक्ट्रेट सभागार कुशीनगर में श्रीमती विजयलक्ष्मी गौतम जी राज्य मंत्री ग्राम्य विकास, समग्र विकास तथा ग्रामीण अभियंत्रण विभाग उत्तर प्रदेश, विधायक राम कोला विनय कुमार गोंड एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में किया गया। मंत्री जी द्वारा शिक्षकों को उनकी जिम्मेदारी के प्रति सचेत करते हुए कहा प्रदेश सरकार शिक्षा के प्रति संवेदनशील है तथा प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीबों के बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा मिले इस दिशा में लगातार काम कर रही है। शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश सरकार द्वारा लगातार नवाचार के प्रयोग किया जा रहे हैं ताकि छात्र/छात्राओं गुणवत्ता युक्त शिक्षा मिले।  उन्होंने कहा कि गरीब वर्ग के छात्रों को उत्कृष्ट शिक्षा प्राइवेट स्कूलों की तरह मिले इसके लिए  प्रदेश के प्रत्येक जनपद में 2 मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय कक्षा 1 से 12 तक स्कूल प्रदेश सरकार द्वारा खोला जा रहा है जिसमें शिक्षा के साथ AI, कंप्यूटर के साथ आधुनिक टेक्नोलॉजी का ज्ञान भी छात्रों को दिया जाएगा। ।उन्होंने शिक्षकों से आवाहन किया की छात्र-छात्राओं को गुणवत्ता युक्त शिक्षा दे ताकि आगे चलकर ये छात्र विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका का निर्वहन कर सके। मंत्री ने बताया उत्तर प्रदेश में वर्ष 1999 में छात्र-अध्यापक अनुपात में सुधार हेतु शिक्षामित्र योजना लागू की गई थी और वर्तमान में लगभग 1,43,000 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। पूर्व में ₹3500/- प्रतिमाह मानदेय दिए जाने के स्थान पर अगस्त 2017 से ₹10,000/- किया गया, जिसे अब बढ़ाकर ₹18,000/- प्रतिमाह कर दिया गया है। यह वृद्धि 01 अप्रैल, 2026 से प्रभावी है तथा इसके लिए ₹230.11 करोड़ की धनराशि जनपदों को जारी की जा चुकी है। साथ ही शिक्षामित्रों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा से भी आच्छादित किया गया है। मंत्री प्रदेश में विगत 9 वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जहां ड्रॉपआउट दर 15% से घटकर 3% हो गई है तथा ट्रांजिशन दर 78% से बढ़कर 87% हो गई है। एनसीईआरटी के राष्ट्रीय परख सर्वेक्षण 2024 में कक्षा 3 के विद्यार्थियों का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर रहा है। ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं का संतृप्तीकरण 36% से बढ़कर 96% तक पहुंच गया है। राज्य सरकार द्वारा 150 मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों की स्थापना हेतु ₹4500 करोड़ की कार्ययोजना पर कार्य किया जा रहा है तथा प्रत्येक जनपद में मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें स्मार्ट क्लास, डिजिटल लैब, पुस्तकालय, खेल मैदान एवं अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु 31,878 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, 14,988 में आईसीटी लैब तथा 1129 विद्यालयों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं और शिक्षकों को 2,61,530 टैबलेट वितरित किए गए हैं। मंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 746 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को कक्षा 6 से 12 तक उन्नत कर निःशुल्क आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जहां स्मार्ट क्लास एवं आईसीटी लैब की सुविधा भी उपलब्ध है। दिव्यांग बच्चों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण, प्रमाण पत्र एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं तथा वर्ष 2025-26 में गंभीर दिव्यांग बच्चों को एस्कॉर्ट एलाउंस एवं बालिकाओं को स्टाइपेंड भी प्रदान किया गया।
राज्य सरकार द्वारा “स्कूल चलो
इस अभियान” के अंतर्गत इस सत्र में अब तक लगभग 20 लाख नए नामांकन किए जा चुके हैं। डीबीटी प्रणाली के माध्यम से छात्रों को यूनिफॉर्म, जूता-मोजा, बैग एवं स्टेशनरी हेतु धनराशि सीधे अभिभावकों के खातों में भेजी जा रही है। कार्यक्रम के अंत में मंत्री ने शिक्षामित्रों को बधाई देते हुए आह्वान किया कि वे पूर्ण समर्पण एवं निष्ठा के साथ विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करें तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। इस अवसर पर प्रतीकात्मक रूप से 10 शिक्षामित्रों – नेबुआ नौरंगिया- अर्चना पाण्डेय, प्रियंका शर्मा, डिंपल भारती, फाजिलनगर-विक्रम कुमार गुप्ता, सेवरही धर्मेंद्र पाण्डेय, तमकुहीराज- सायदा खातून, रामकोला – सुनील यादव, सुधीर कुमार राव, बिशनपुर- प्रमिला दुबे, अभिरुल हसन, सुकरौली- गोदावरी सिंह, सुनीता मिश्रा, कप्तानगंज- रसीद अली, खड्डा- सिद्धेश्वर तिवारी को बढ़े हुए मानदेय के प्रमाण पत्र वितरित किए गए।