यूरिया लेने के लिए कई दिनों से लगा रहे चक्कर, किसानों ने लगाए अनियमितता के आरोप
सचिव बोले— छह समितियों का अतिरिक्त प्रभार और सर्वर समस्या बनी वजह
FATEHPUR NEWS: खागा तहसील क्षेत्र के ऐरायाँ विकासखंड अंतर्गत कोड़ारवर सहकारी समिति (अल्लीपुर भादर) में यूरिया खाद वितरण व्यवस्था को लेकर किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। किसानों का आरोप है कि समिति समय पर नहीं खुल रही है, जिससे उन्हें कई दिनों तक खाद के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने वितरण प्रक्रिया में अनियमितता और पक्षपात के आरोप भी लगाए हैं। वहीं समिति सचिव ने इन आरोपों से इनकार करते हुए अतिरिक्त कार्यभार और तकनीकी समस्याओं को देरी का कारण बताया है। जानकारी के अनुसार शनिवार को समिति में लगभग 500 बोरी यूरिया पहुंची थी। खाद उपलब्ध होने की सूचना मिलने पर गुरुवार को बड़ी संख्या में किसान समिति पहुंच गए, लेकिन समिति समय से नहीं खुलने के कारण किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ा। इससे किसानों में रोष देखा गया। अल्लीपुर निवासी किसान अरविंद कुमार ने बताया कि वह सोमवार से लगातार समिति के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें यूरिया नहीं मिल सकी है। उनका आरोप है कि समिति अक्सर दोपहर के बाद खुलती है और शाम होते-होते सर्वर बंद होने या तकनीकी समस्या का हवाला देकर वितरण रोक दिया जाता है। इससे दूर-दराज से आने वाले किसानों को निराश होकर लौटना पड़ता है। वहीं कोरका निवासी किसान शिवप्रताप सिंह लोधी ने बताया कि उनके करीब 20 बीघा धान की फसल समय पर यूरिया न मिलने से प्रभावित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि खाद वितरण में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और ओटीपी आधारित वितरण प्रक्रिया में भी अनियमितता हो रही है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराकर निष्पक्ष वितरण सुनिश्चित कराने की मांग की। भादर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजेश तिवारी ने कहा कि किसानों की समस्या वास्तविक है। उन्होंने बताया कि समिति सचिव के पास एक नहीं, बल्कि छह सहकारी समितियों का अतिरिक्त प्रभार है, जिसके कारण वह प्रत्येक समिति में नियमित रूप से समय नहीं दे पाते। इसके अलावा सर्वर और नेटवर्क संबंधी तकनीकी दिक्कतों के कारण भी खाद वितरण प्रभावित हो रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन और सहकारिता विभाग से व्यवस्था में सुधार करने तथा अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की मांग की, ताकि किसानों को समय पर खाद मिल सके। उधर समिति सचिव राजेंद्र पांडेय ने किसानों द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि समिति में 500 बोरी यूरिया उपलब्ध है और शासन द्वारा निर्धारित 266.50 रुपये प्रति बोरी की दर से किसानों को खाद वितरित की जा रही है। उन्होंने बताया कि उनके पास छह सहकारी समितियों का अतिरिक्त प्रभार है, जिसके कारण सभी समितियों में प्रतिदिन उपस्थित होना संभव नहीं हो पाता। साथ ही खाद वितरण के बाद बैंक में धनराशि जमा कराने और ऑनलाइन व्यवस्था में सर्वर तथा नेटवर्क संबंधी समस्याओं के चलते कभी-कभी वितरण कार्य प्रभावित हो जाता है। किसानों का कहना है कि धान की फसल के लिए यह समय अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि समय पर यूरिया उपलब्ध नहीं हुई तो उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। किसानों ने जिला प्रशासन और सहकारिता विभाग से मांग की है कि खाद वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाया जाए, समितियों को निर्धारित समय पर खोला जाए तथा पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था कर किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराई जाए। इससे न केवल किसानों की परेशानी कम होगी, बल्कि खेती का कार्य भी प्रभावित नहीं होगा।







