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केन्द्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा मोदी सरकार के अहंकार की पराजय: प्रमोद तिवारी

राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता ने सरकार के झुकने को लेकर राहुल गांधी के नेतृत्व के साथ युवाओं के संघर्ष को दिया श्रेय
PRATAPGARH NEWS: राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफा देने को लोकतंत्र की जीत करार दिया है। उन्होने कहा कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के द्वारा दिया गया इस्तीफा यह साबित कर गया है कि सत्ता के अहंकार में डूबी हुई मोदी सरकार झुक भी सकती है। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि शिक्षा मंत्री पद से धर्मेन्द्र प्रधान के त्याग पत्र देने से देश के युवाओं की जीत हुई है। उन्होने कहा कि मंत्री का इस्तीफा देना अहंकार की पराजय है। उन्होने कहा कि पेपरलीक को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने लम्बे समय से आंदोलनरत छात्रों की नैतिक मांगों को लेकर आवाज बुलन्द की। उन्होने कहा कि मोदी सरकार को झुकाने के लिए राहुल गांधी जैसा संघर्षशील व्यक्तित्व होना चाहिए। सांसद प्रमोद तिवारी ने धर्मेन्द्र प्रधान  की घेराबंदी करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में एक सौ बावन बार विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपरलीक हुए। उन्होने कहा कि यह इस्तीफा देेने वाले मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान की शिक्षा विभाग से जुड़ी अक्षम्य एवं भ्रष्टाचार में संलिप्तता को दर्शा गया। उन्होने कहा कि पूरे देश का युवा वर्ग यही चाहता था कि पर्चे लीक होने को लेकर शिक्षा मंत्री के रूप में धर्मेन्द्र प्रधान का फौरन इस्तीफा होना चाहिए। पीएम मोदी पर भी तंज कसते हुए सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि आखिर प्रधानमंत्री की कौन सी मजबूरी थी कि वह छात्रों के इतने लम्बे आंदोलन और समूचे विपक्ष की मांग के बावजूद धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा नही ले रहे थे और न ही उन्हें बर्खास्त कर सके। उन्होने कहा कि देश भर के युवाओं की भावनाओ के विपरीत शिक्षा मंत्री के पद से त्याग पत्र देने में धर्मेन्द्र प्रधान द्वारा की गयी देरी निंदनीय है। उन्होने सवाल उठाया कि यदि धर्मेन्द्र प्रधान आंदोलन के पहले ही दिन इस्तीफा देना चाहते थे तो क्या उन्हें पीएम मोदी के अहंकार ने इस्तीफा देने से रोक रखा था। उन्होने कहा कि सच्चाई तो यह है कि धर्मेन्द्र प्रधान अपनी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अन्त तक इस्तीफा देने से बचत में ही लगे रहे। सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि जब किसी भी तरफ से त्याग पत्र देने वाले मंत्री को राहत नही मिली तब वह इस्तीफा देने के लिए मजबूर हुए। उन्होने कहा कि केन्द्रीय शिक्षा मंत्री का त्याग पत्र देना मोदी सरकार की तानाशाही के खिलाफ लोकतांत्रिक संघर्ष की एक बड़ी जीत है। सांसद प्रमोद तिवारी ने यह भी दावा जताया है कि केन्द्रीय मंत्री का इस्तीफा देना स्पष्ट संकेत है कि अब मोदी युग के तानाशाही युग के समाप्ति की शुरूआत हो चुकी है। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी का बयान शनिवार को मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल के हवाले से निर्गत हुआ है।