Home उत्तर प्रदेश कानपुर में सांसद आवास पर विरोध से बढ़ा विवाद, अधिवक्ताओं में रोष

कानपुर में सांसद आवास पर विरोध से बढ़ा विवाद, अधिवक्ताओं में रोष

राज्यपाल को भेजा ज्ञापन, भाजपा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की मांग
FATEHPUR NEWS:  कानपुर में फतेहपुर के सांसद नरेश उत्तम पटेल के आवास पर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर अधिवक्ताओं में गहरा रोष व्याप्त है। विरोध स्वरूप अधिवक्ताओं ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, 18 अप्रैल 2026 को सांसद नरेश उत्तम पटेल अपने कानपुर स्थित दामोदर नगर, थाना नौबस्ता के आवास पर मौजूद नहीं थे। इसी दौरान भारतीय जनता पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं और नेताओं का एक समूह उनके घर पहुंच गया। उस समय घर पर उनकी पत्नी विजय लक्ष्मी उत्तम अकेली थीं। बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी महिलाएं हाथों में भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम की पट्टियां लिए हुए थीं और “नरेंद्र मोदी जिंदाबाद, भाजपा जिंदाबाद” तथा “नरेश उत्तम मुर्दाबाद” जैसे नारे लगा रही थीं। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान गेट पर धक्का-मुक्की की गई, नेमप्लेट तोड़ी गई और सांसद की पत्नी के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। अधिवक्ताओं का कहना है कि इस दौरान पुलिस मौके पर मौजूद होने के बावजूद मूकदर्शक बनी रही। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा घटनाक्रम सुनियोजित था और इसमें पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध रही है। अधिवक्ताओं ने इसे कानून व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताते हुए राज्यपाल से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। ज्ञापन में दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और कड़ी कार्रवाई करने की बात कही गई है। साथ ही अधिवक्ताओं ने अपनी जान-माल और सम्मान की सुरक्षा की भी मांग उठाई है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस दौरान अधिवक्ता आशिफ मकसूद, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बाबू सिंह यादव, व्यवस्था परिवर्तन अधिवक्ता संगठन के संरक्षक वसीम अंसारी, कमरुद्दीन खान, कृष्णपाल वर्मा, एहसान खां, संगठन के अध्यक्ष श्रीराम पटेल, रंजीत सिंह मौर्य, बाबूलाल, करुणाकर, अरविंद पासवान, बौद्धप्रिय गौतम, मोहम्मद आशिफ, सुरेश यादव, शशिकांत वर्मा, शकील सिद्दीकी और हसरत अली सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।