BALRAMPUR NEWS: (कमाल खान) जनपद में खरीफ सीजन के अंतर्गत धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) को बढ़ावा देने हेतु एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम में जनपद के सभी विकास खंडों से आए लगभग 100 कृषकों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी श्री हिमांशु गुप्ता, प्रशिक्षु आईएएस श्री शिवांश सुभाष जगाड़े, अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान वाराणसी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ० आर० के० मलिक, उप कृषि निदेशक श्री श्याम नारायण राम, जिला कृषि अधिकारी श्री उपेंद्र नाथ खर्वार, केवीके पचपेड़वा के प्रभारी अधिकारी डॉ० सियाराम कनौजिया, वैज्ञानिक डॉ० जगवीर सिंह एवं अन्य कृषि विशेषज्ञ उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा किसानों को डीएसआर तकनीक के लाभ, उपयुक्त भूमि चयन, खेत की तैयारी, बुवाई का समय एवं विधि, बीज उपचार, खरपतवार नियंत्रण, सिंचाई प्रबंधन एवं उर्वरक प्रबंधन के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। वैज्ञानिकों ने बताया कि डीएसआर विधि अपनाने से 20 से 25 प्रतिशत तक पानी की बचत होती है तथा खेती की लागत भी कम होती है। जिलाधिकारी ने उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि खेती में लागत कम कर आय बढ़ाने हेतु आधुनिक तकनीकों को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने जनपद में अधिक से अधिक क्षेत्र में धान की सीधी बुवाई किए जाने पर जोर दिया।
अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों द्वारा बताया गया कि पारंपरिक धान रोपाई की तुलना में डीएसआर तकनीक अधिक उपयोगी एवं समय की बचत करने वाली है। प्रशिक्षण के दौरान किसानों को डीएसआर मशीनों एवं आधुनिक कृषि उपकरणों की जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रदर्शन ग्रामों के चयन पर भी चर्चा की गई तथा किसानों को तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। इस दौरान संबंधित अधिकारी कर्मचारीगण उपस्थित रहें।







