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तालाब विवाद : पीड़ित परिवार को न्याय ना मिलने पर जल सत्याग्रह (अनशन) के लिए संगम रवाना

पुलिस ने गांव के बाहर रोका, प्रशासन से बातचीत जारी
PRAYAGRAJ NEWS:  प्रयागराज कौंधियारा थाना क्षेत्र अंतर्गत मवैया गांव में तालाब पट्टे और मत्स्य पालन को लेकर चल रहा विवाद अब जल सत्याग्रह तक पहुंच गया है। गांव निवासी अयोध्या भारतीय पुत्र विदेशी भारतीय पिछले आठ दिनों से तालाब में तिरंगा झंडा लेकर परिवार सहित जल सत्याग्रह पर डटे हुए हैं। शुक्रवार को मामला उस समय और चर्चा में आ गया जब पीड़ित परिवार संगम प्रयागराज में गंगा जल सत्याग्रह करने के लिए गांव से रवाना हुआ, लेकिन गांव के बाहर ही स्थानीय पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद प्रशासन और पीड़ित परिवार के बीच बातचीत का दौर शुरू हो गया।न्याय दो या मार दो त्रिवेणी संगम जल सत्याग्रहयात्रा अयोध्या भारतीय का आरोप है कि गांव के तालाब संख्या51/52 में वर्ष 2022 से गांव के ही विजय बहादुर द्वारा मत्स्य पालन कराया जा रहा है। उनका कहना है कि जब उन्होंने तहसील में जानकारी की तो पता चला कि तालाब का कोई वैध पट्टा नहीं हुआ था। इसी बात को लेकर गांव में लंबे समय से विवाद की स्थिति बनी हुई है। पीड़ित ने बताया कि लगभग दो सप्ताह पहले गांव के कई लोग तालाब में मछली पकड़ने के लिए गए थे। इसी मामले में विजय बहादुर की ओर से अयोध्या भारतीय समेत परिवार के पांच से छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। न्याय की मांग को लेकर अयोध्या भारतीय अपने परिवार के साथ पिछले एक सप्ताह से तालाब में खड़े होकर जल सत्याग्रह कर रहे हैं। शुक्रवार को सत्याग्रह के आठवें दिन उन्होंने संगम जाकर गंगा जल सत्याग्रह करने की घोषणा कीऔर परिवार सहित वहां के लिए रवाना हुए। हालांकि गांव के बाहर पहुंचते ही पुलिस ने उन्हें रोक लिया। मौके पर काफी देर तक समझाने-बुझाने का प्रयास चलता रहा। मामले की जानकारी मिलने पर नायब तहसीलदार अनुग्रह नारायण भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को बताया कि वर्ष 2022 में मवैया गांव निवासी विजय बहादुर तालाब का पट्टा हुआ था, लेकिन उस समय पूरी धनराशि जमा नहीं की गई थी। इसके बाद नियमानुसार चार वर्ष का जुर्माना लगाया गया और अप्रैल 2026 में पट्टे की प्रक्रिया पूरी करते हुए तालाब का अधिकार विजय बहादुर के नाम कर दिया गया है।