JAUNPUR NEWS: वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान में रविवार को शोधार्थी प्रशांत श्रीवास्तव की पीएच.डी. उपाधि हेतु मौखिकी परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई। शोधार्थी ने “औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए उभरते हुए पदार्थों का अल्ट्रासोनिक गैर-विनाशकारी तकनीकों द्वारा अभिलक्षणन” विषय पर अपना शोधकार्य पूर्ण किया। यह शोधकार्य भौतिकी विभाग के विभागाध्यक्ष एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद कुमार यादव के कुशल निर्देशन एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। विश्वविद्यालय के शोध सभागार में आयोजित मौखिकी परीक्षा के दौरान शोधार्थी ने अपने शोधकार्य की विस्तृत एवं प्रभावशाली प्रस्तुति देते हुए उदीयमान पदार्थों के गुणधर्मों के अध्ययन में अल्ट्रासोनिक गैर-विनाशकारी परीक्षण तकनीकों की वैज्ञानिक उपयोगिता, औद्योगिक महत्ता तथा भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने वर्तमान वैज्ञानिक एवं औद्योगिक परिदृश्य में उन्नत एवं नैनोसंरचित पदार्थों का की गुणवत्ता, संरचनात्मक विशेषताओं तथा यांत्रिक गुणों का अध्ययन के बारे में विस्तृत रूप से बताया। अल्ट्रासोनिक गैर-विनाशकारी परीक्षण तकनीक इस दिशा में अत्यंत विश्वसनीय एवं प्रभावी सिद्ध हुई है। यह तकनीक पदार्थों के आंतरिक दोषों, संरचनात्मक परिवर्तनों तथा विभिन्न भौतिक गुणों के सटीक मूल्यांकन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जिससे औद्योगिक उत्पादों की गुणवत्ता, विश्वसनीयता एवं सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। नैनोकॉम्पोजिट का सफल संश्लेषण कर उसकी संरचनात्मक, आकृतिक, रासायनिक एवं प्रकाशीय विशेषताओं का परीक्षण किया गया। साथ ही इसे आर्द्रता संवेदक के रूप में विकसित कर उसकी संवेदनशीलता, प्रतिक्रिया समय, पुनर्प्राप्ति समय, स्थिरता एवं पुनरुत्पादकता का मूल्यांकन किया गया। प्राप्त परिणामों से विकसित नैनोकॉम्पोजिट आर्द्रता संवेदन के लिए अत्यंत प्रभावी एवं उपयोगी सिद्ध हुआ।
मौखिकी परीक्षा के दौरान बाह्य परीक्षक इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रो कमलेश यादव ने शोधकार्य के वैज्ञानिक, तकनीकी एवं अनुप्रयुक्त पहलुओं से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे, जिनका शोधार्थी ने आत्मविश्वास, तार्किकता एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ संतोषजनक उत्तर दिया। बाह्य परीक्षक ने शोध की मौलिकता, वैज्ञानिक गुणवत्ता, प्रयोगात्मक निष्कर्षों तथा औद्योगिक उपयोगिता की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए इसे भौतिकी, पदार्थ विज्ञान, नैनो प्रौद्योगिकी एवं सेंसर प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान बताया।
शोध निर्देशक प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि वर्तमान समय में उदीयमान पदार्थ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। इन पदार्थों का सटीक एवं गैर-विनाशकारी परीक्षण औद्योगिक गुणवत्ता नियंत्रण, रक्षा, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऊर्जा तथा अन्य उच्च प्रौद्योगिकी क्षेत्रों की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शोधार्थी का यह कार्य उद्योग एवं शिक्षाजगत के बीच ज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के समन्वय को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगा।
शोधकार्य में उभरती हुई क्रियात्मक सामग्रियों का सैद्धांतिक एवं प्रायोगिक अध्ययन करते हुए अल्ट्रासोनिक गैर-विनाशकारी तकनीकों के माध्यम से उन्नत पदार्थों के प्रत्यास्थ, यांत्रिक, ऊष्माभौतिक, अल्ट्रासोनिक तथा संवेदन (सेंसिंग) गुणों का विस्तृत विश्लेषण किया गया है। यह शोध पदार्थ विज्ञान, नैनो प्रौद्योगिकी तथा सेंसर विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण वैज्ञानिक योगदान प्रदान करता है। मौखिकी परीक्षा के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर विशवविद्यालय के शिक्षकग एवं शोधार्थियों ने प्रशांत को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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