प्रधानाचार्य विद्यालयों को सेण्टर ऑफ एक्सीलेन्सश् के रूप में परिवर्तित करें रू डा संतोष राय प्रशिक्षण के मास्टर ट्रेनर थे मो रफीक
प्रयागराज। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) सिविल लाइंस प्रयागराज में माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य के कार्य एवं दायित्व सम्बन्धी हस्तपुत्रिका ष्दक्षष् हस्तपुस्तिका पर आधारित प्रशिक्षण का आज तीसरा चरण सम्पन्न हो गया है। इस प्रशिक्षण में जिले के 216 प्रधानाचार्यों ने भाग लिया। प्रशिक्षण सत्र की समाप्ति पर डायट प्रयागराज के प्राचार्य ध् डीआईओएस डॉ सन्तोष कुमार ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किया और विद्यालय को श्सेण्टर ऑफ एक्सीलेन्सश् के रूप में परिवर्तित करने के लिए प्रधानाचार्यों से मन लगाकर कार्य करने का आग्रह किया।
इस दौरान सभी प्रधानाचार्या बडी तल्लीनता और मनोयोग से प्रशिक्षण में शामिल हुए और अपने सुझाव दिए। प्रधानाचार्यो ने कहा कि दक्षष् हस्तपुस्तिका में वर्णित बातों को क्रिन्यान्वित करने का प्रयास विद्यालय में करेंगे। प्रशिक्षण के मास्टर ट्रेनर मोहम्मद रफीक, वीरभद्र प्रताप तथा डॉ. धनन्जय यादव ने ष्दक्षष् हस्तपुस्तिका के विषय वस्तु से प्रधानाचार्यों को अवगत कराया। प्रधानाचार्यो ने प्रशिक्षण के दौरान जो भी प्रश्न पूछा, उसका मास्टर ट्रेनर ने निस्तारण करते हुए जरूरी सुझाव भी दिए।
इस दौरान सभी प्रधानाचार्या बडी तल्लीनता और मनोयोग से प्रशिक्षण में शामिल हुए और अपने सुझाव दिए। प्रधानाचार्यो ने कहा कि दक्षष् हस्तपुस्तिका में वर्णित बातों को क्रिन्यान्वित करने का प्रयास विद्यालय में करेंगे। प्रशिक्षण के मास्टर ट्रेनर मोहम्मद रफीक, वीरभद्र प्रताप तथा डॉ. धनन्जय यादव ने ष्दक्षष् हस्तपुस्तिका के विषय वस्तु से प्रधानाचार्यों को अवगत कराया। प्रधानाचार्यो ने प्रशिक्षण के दौरान जो भी प्रश्न पूछा, उसका मास्टर ट्रेनर ने निस्तारण करते हुए जरूरी सुझाव भी दिए।
प्रयागराज। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) सिविल लाइंस प्रयागराज में माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य के कार्य एवं दायित्व सम्बन्धी हस्तपुत्रिका ष्दक्षष् हस्तपुस्तिका पर आधारित प्रशिक्षण का आज तीसरा चरण सम्पन्न हो गया है। इस प्रशिक्षण में जिले के 216 प्रधानाचार्यों ने भाग लिया। प्रशिक्षण सत्र की समाप्ति पर डायट प्रयागराज के प्राचार्य ध् डीआईओएस डॉ सन्तोष कुमार ने प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किया और विद्यालय को श्सेण्टर ऑफ एक्सीलेन्सश् के रूप में परिवर्तित करने के लिए प्रधानाचार्यों से मन लगाकर कार्य करने का आग्रह किया।