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कुशीनगर: कलेक्ट्रेट में धूमधाम से मनी गांधी-शास्त्री जयंती, DM बोले- गांधी जी के विचारों को आत्मसात करना ही सच्ची श्रद्धांजलि
कुशीनगर-: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।सबसे पहले कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद ट्रेजरी हॉल में आयोजित कार्यक्रम में गांधी जी और शास्त्री जी के चित्रों पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा गांधी जी के प्रिय भजन 'रघुपति राघव राजा राम' के सामूहिक गायन से हुई।गांधी सिर्फ व्यक्ति नहीं, विचार हैं : DMकार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी संजय चौहान ने कहा कि महात्मा गांधी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार और जीवन दर्शन हैं। उनके जीवन में सत्य, सत्याग्रह, स्वदेशी और अहिंसा का विशेष महत्व था। उन्होंने कहा कि गांधी और शास्त्री जी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं।डीएम ने कहा कि आज दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और अशांति का माहौल है, ऐसे में गांधी जी का अहिंसा और विश्व शांति का संदेश और भी जरूरी हो जाता है। उन्होंने बिना शस्त्र के सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलकर देश को आजादी दिलाई।उन्होंने कहा कि तस्वीरों पर माला चढ़ाना प्रतीक है, लेकिन सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम उनके विचारों को अपने जीवन में उतारें। स्वावलंबन, स्वच्छता, समानता और आत्मनिर्भरता के उनके विचार देश को आगे ले जा सकते हैं। सभी को स्वच्छ और स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देना चाहिए।अपर जिलाधिकारी ने भी गांधी और शास्त्री जी के आदर्शों को आचरण में उतारने का आह्वान किया।इस अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में खादी एवं ग्रामोद्योग तथा रेशम विभाग द्वारा स्टॉल और प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसका अधिकारियों ने अवलोकन किया। कार्यक्रम में वरिष्ठ कोषाधिकारी सुनील कुमार यादव सहित कलेक्ट्रेट के सभी अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
कलेक्ट्रेट में धूमधाम से मनी गांधी-शास्त्री जयंती, DM बोले- गांधी जी के विचारों को आत्मसात करना ही सच्ची श्रद्धांजलि
कुशीनगर-: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
सबसे पहले कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद ट्रेजरी हॉल में आयोजित कार्यक्रम में गांधी जी और शास्त्री जी के चित्रों पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा गांधी जी के प्रिय भजन 'रघुपति राघव राजा राम' के सामूहिक गायन से हुई।