जीवन के पहले 1000 दिनों में बेहतर देखभाल और पोषण पर जोर
फतेहपुर। जीवन के शुरुआती 1000 दिन बच्चे के स्वास्थ्य, पोषण और समग्र विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इसके लिए वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित जागरूकता और समुदाय की भागीदारी जरूरी है। यह बात मुख्य विकास अधिकारी पवन कुमार मीना ने ‘जीवन के प्रथम 1000 दिवस’ पहल के तहत आयोजित चार दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन अवसर पर कही। कार्यक्रम में मातृ स्वास्थ्य, सुरक्षित प्रसव, नवजात शिशु की देखभाल, स्तनपान, पोषण और संवेदनशील परवरिश जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। सीडीओ ने कहा कि प्रशिक्षित कर्मी परिवारों को जागरूक करने और सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वर्ष 2022 से जनपद में संचालित इस पहल के तहत मास्टर ट्रेनर्स के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग और बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के 6,000 से अधिक अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है। आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों के अनुकूल बनाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। इस अवसर पर सीएमओ डॉ. यूबी सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति त्रिपाठी, वैन लीर फाउंडेशन के वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक अनुभव गर्ग और विक्रमशिला एजुकेशन रिसोर्स सोसायटी की कार्यक्रम प्रबंधक दूर्वा घोष सहित अन्य लोग मौजूद रहे। प्रशिक्षण पूरा करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए।