ईमानदारी की मिसाल बने टीटीई नीरज त्रिपाठी, यात्री का कीमती सामान सुरक्षित लौटाया
झाँसी | भारतीय रेलवे के कर्मचारियों की कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी का एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। ट्रेन संख्या 12002 शताब्दी एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान ग्वालियर स्टेशन पर उतरते समय एक यात्री अपना बैग ट्रेन में ही भूल गया। बैग में पासपोर्ट, कंटीन्यूअस डिस्चार्ज सर्टिफिकेट , विभिन्न देशों की मुद्रा, 4,500 अमेरिकी डॉलर, 800 रुपये नकद, लगभग 25 हजार रुपये मूल्य की घड़ी, 15 ग्राम सोना, दो पर्स और चार्जर सहित कई महत्वपूर्ण वस्तुएं थीं। ट्रेन में तैनात टीटीई नीरज त्रिपाठी ने बैग को सुरक्षित रखते हुए यात्री को उसका पूरा सामान वापस लौटाकर ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की।
ग्वालियर निवासी एवं मर्चेंट नेवी में कार्यरत पंकज सिंह राणा ट्रेन संख्या 12002 के कोच सी -10 में सीट संख्या 13-14 पर यात्रा कर रहे थे। ग्वालियर स्टेशन पर उतरने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि उनका महत्वपूर्ण बैग ट्रेन में ही छूट गया है। परेशान यात्री ने तत्काल रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उनका संपर्क ट्रेन में तैनात टीटीई नीरज त्रिपाठी से हुआ।
टीटीई नीरज त्रिपाठी ने यात्री को आश्वस्त किया कि उनका बैग और उसमें रखा पूरा सामान सुरक्षित है। इस आश्वासन के बाद पंकज सिंह राणा झांसी स्टेशन पहुंचे, जहां नीरज त्रिपाठी ने उन्हें उनका बैग सौंप दिया। यात्री के अनुसार, बैग में रखी सभी वस्तुएं और पूरी नकदी सुरक्षित मिली। कीमती सामान और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की सकुशल वापसी से यात्री ने राहत की सांस ली।
इस ईमानदार पहल से अभिभूत पंकज सिंह राणा ने टीटीई नीरज त्रिपाठी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सेवा से जुड़े कर्मचारियों की ईमानदारी और कर्तव्य के प्रति समर्पण समाज में विश्वास को मजबूत करता है। नीरज त्रिपाठी ने अपने आचरण से यह साबित किया कि ईमानदारी और मानवीय संवेदनाएं आज भी समाज की सबसे बड़ी ताकत हैं।
यात्री ने टीटीई नीरज त्रिपाठी के उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके कार्य की सराहना की। यह घटना रेलकर्मियों की जिम्मेदारी, ईमानदारी और यात्रियों के प्रति संवेदनशीलता का प्रेरणादायक उदाहरण है।