Pratapgarh
बारिश में गिरे गरीबों के आशियाने, पक्की छत की आस
प्रातःकाल एक्सप्रेस
फोटो 23
बिंदकी,फतेहपुर। तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत डीघ के सैरपुर गांव में लगातार बारिश के चलते दो गरीब परिवारों के कच्चे मकान ढह गए। मकान गिरने से पीड़ित परिवारों के सामने रहने के साथ ही खाना बनाने की भी समस्या खड़ी हो गई है। पीड़ितों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान दिलाए जाने की मांग की है।
गांव निवासी वृद्ध ब्रह्म पासवान अपने 13 वर्षीय नाती हिमांशू के साथ रहते हैं। परिवार में कोई कमाने वाला सदस्य न होने के कारण दोनों पहले से ही आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। बारिश के दौरान उनका कच्चा मकान अचानक ढह गया, जिससे उनके सामने सिर छिपाने का संकट खड़ा हो गया है। इसी तरह गांव के रामसनेही यादव का कच्चा मकान भी बारिश के चलते धराशायी हो गया। घर गिरने के बाद परिवार को रहने और भोजन पकाने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। बताया गया कि दोनों पीड़ित परिवार फिलहाल दूसरे लोगों के घरों में शरण लेकर रहने को मजबूर हैं। पीड़ित परिवारों ने जिला प्रशासन और शासन से बारिश से हुए नुकसान का आकलन कर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान स्वीकृत किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी मदद मिलने पर उन्हें बारिश के मौसम में सुरक्षित छत मिल सकेगी और परिवार को राहत मिलेगी।
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बिंदकी,फतेहपुर। तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत डीघ के सैरपुर गांव में लगातार बारिश के चलते दो गरीब परिवारों के कच्चे मकान ढह गए। मकान गिरने से पीड़ित परिवारों के सामने रहने के साथ ही खाना बनाने की भी समस्या खड़ी हो गई है। पीड़ितों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता के साथ प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान दिलाए जाने की मांग की है।
गांव निवासी वृद्ध ब्रह्म पासवान अपने 13 वर्षीय नाती हिमांशू के साथ रहते हैं। परिवार में कोई कमाने वाला सदस्य न होने के कारण दोनों पहले से ही आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। बारिश के दौरान उनका कच्चा मकान अचानक ढह गया, जिससे उनके सामने सिर छिपाने का संकट खड़ा हो गया है। इसी तरह गांव के रामसनेही यादव का कच्चा मकान भी बारिश के चलते धराशायी हो गया। घर गिरने के बाद परिवार को रहने और भोजन पकाने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। बताया गया कि दोनों पीड़ित परिवार फिलहाल दूसरे लोगों के घरों में शरण लेकर रहने को मजबूर हैं। पीड़ित परिवारों ने जिला प्रशासन और शासन से बारिश से हुए नुकसान का आकलन कर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान स्वीकृत किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी मदद मिलने पर उन्हें बारिश के मौसम में सुरक्षित छत मिल सकेगी और परिवार को राहत मिलेगी।