भदोही सदर में अमित सिंह प्रिंस की एंट्री से सियासी पारा चढ़ा, बोले-कोई हाउस लड़े, मैं हर हाल में लड़ूंगा चुनाव टिकट मिले या न मिले, चुनाव लड़ने का ऐलानय भाजपा, सपा और बसपा के संभावित समीकरणों के बीच बढ़ी हलचल
भदोही। विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे भदोही की सियासत में दावेदारों की सक्रियता बढ़ने लगी है। भदोही सदर सीट से जिला पंचायत सदस्य अमित सिंह प्रिंस ने चुनाव लड़ने की घोषणा कर राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। बड़े व्यवसायी और समाजसेवी अमित सिंह प्रिंस की युवाओं में अच्छी पकड़ मानी जा रही है। इन दिनों वह रेंज रोवर, लैंड क्रूजर, डिफेंडर जैसी करोड़ों रुपये के लग्जरी वाहनों के काफिले के साथ क्षेत्र में जनसंपर्क करते नजर आ रहे हैं। सोमवार को औराई स्थित अपने आवास पर प्रेस वार्ता में उन्होंने साफ किया कि पार्टी को लेकर अभी पत्ते नहीं खोलेंगे, लेकिन टिकट मिले या न मिले, चुनाव हर हाल में लड़ेंगे। पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह के बेटे की संभावित दावेदारी पर भी उन्होंने दो टूक कहा कि कोई हाउस लड़े, लेकिन वह चुनाव जरूर लड़ेंगे। उन्होंने क्षेत्र की तस्वीर बदलने और जनता की सेवा करने का संकल्प जताते हुए अपना मेनिफेस्टो भी जारी किया है। अमित सिंह प्रिंस बीजेपी से वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य हैं।
टिकट को लेकर पत्ते नहीं खोले, चुनाव लड़ने पर अडिगदृ
अमित सिंह प्रिंस ने प्रेस वार्ता में कहा कि पार्टी को लेकर समय आने पर खुलासा करेंगे। उनके इस बयान के बाद चर्चा है कि वह भाजपा, सपा या बसपा में से किसी दल का टिकट हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि किसी दल से टिकट नहीं मिलने पर भी वह चुनाव मैदान में उतरेंगे। ऐसे में उनकी दावेदारी तीनों प्रमुख दलों से टिकट मांग रहे संभावित प्रत्याशियों के समीकरणों को प्रभावित कर सकती है। बीजेपी से टिकट की दावेदारी करेंगे या नहीं, इस पर उन्होंने कहा कि जो गार्जियन लोग कहेंगे, समय बताएगा।
कपसेठी हाउस की चर्चा पर भी दो टूकदृ
भदोही सदर सीट से पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह के बेटे के भी चुनाव लड़ने की चर्चा है। उनसे पूछा गया कि यदि कपसेठी हाउस से कोई उम्मीदवार मैदान में उतरता है, तो क्या वह चुनाव लड़ेंगे? इस पर अमित सिंह प्रिंस ने दो टूक कहा कि कोई हाउस लड़े, लेकिन वह चुनाव लड़ेंगे। उनके इस बयान के बाद सीट पर संभावित मुकाबले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जाहिद बेग, रविंद्र नाथ त्रिपाठी और दादा चैहान के बीच नए समीकरण?दृ
मौजूदा समय में भदोही सदर सीट से समाजवादी पार्टी के जाहिद बेग विधायक हैं, जिन्हें अखिलेश यादव का करीबी माना जाता है। पिछली बार भाजपा से रविंद्र नाथ त्रिपाठी विधायक रहे थे और इस बार भी भाजपा से उनकी दावेदारी मानी जा रही है। मुस्लिम आबादी की अच्छी-खासी हिस्सेदारी के चलते चर्चा है कि सपा जाहिद बेग को दोबारा उम्मीदवार बना सकती है। वहीं, हरिशंकर उर्फ दादा चैहान बसपा से प्रत्याशी रह चुके हैं। ऐसे में अमित सिंह प्रिंस के हर हाल में चुनाव लड़ने के ऐलान से तीनों प्रमुख दलों के संभावित उम्मीदवारों के सामने नए राजनीतिक समीकरणों की चुनौती खड़ी हो सकती है।
बोले- किसी को प्रतिद्वंद्वी नहीं मानता, हर रोज खुद से लड़ता हूंदृ
अमित सिंह प्रिंस ने कहा कि वह किसी को अपना प्रतिद्वंद्वी नहीं मानते, बल्कि हर रोज खुद से लड़ते हैं। उनका कहना है कि यदि जनप्रतिनिधियों ने वास्तव में भदोही पर ध्यान दिया होता, तो क्षेत्र की हालत ऐसी नहीं रहती। वह भदोही की तस्वीर बदलने और जनता की सेवा का अवसर पाने के लिए चुनाव मैदान में आ रहे हैं। उन्होंने अपनी दावेदारी के साथ ही लंबा-चैड़ा मेनिफेस्टो भी जारी किया है, जिसमें क्षेत्र के कई छोटे-बड़े मुद्दों को शामिल किया गया है।
फिलहाल अमित सिंह प्रिंस ने किसी राजनीतिक दल के साथ जाने को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन उनके चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद भदोही सदर सीट को लेकर सियासी गलियारों में हलचल बढ़ गई है। अब देखना होगा कि उनकी दावेदारी किस राजनीतिक दिशा में आगे बढ़ती है।
टिकट को लेकर पत्ते नहीं खोले, चुनाव लड़ने पर अडिगदृ
अमित सिंह प्रिंस ने प्रेस वार्ता में कहा कि पार्टी को लेकर समय आने पर खुलासा करेंगे। उनके इस बयान के बाद चर्चा है कि वह भाजपा, सपा या बसपा में से किसी दल का टिकट हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि किसी दल से टिकट नहीं मिलने पर भी वह चुनाव मैदान में उतरेंगे। ऐसे में उनकी दावेदारी तीनों प्रमुख दलों से टिकट मांग रहे संभावित प्रत्याशियों के समीकरणों को प्रभावित कर सकती है। बीजेपी से टिकट की दावेदारी करेंगे या नहीं, इस पर उन्होंने कहा कि जो गार्जियन लोग कहेंगे, समय बताएगा।
कपसेठी हाउस की चर्चा पर भी दो टूकदृ
भदोही सदर सीट से पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह के बेटे के भी चुनाव लड़ने की चर्चा है। उनसे पूछा गया कि यदि कपसेठी हाउस से कोई उम्मीदवार मैदान में उतरता है, तो क्या वह चुनाव लड़ेंगे? इस पर अमित सिंह प्रिंस ने दो टूक कहा कि कोई हाउस लड़े, लेकिन वह चुनाव लड़ेंगे। उनके इस बयान के बाद सीट पर संभावित मुकाबले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जाहिद बेग, रविंद्र नाथ त्रिपाठी और दादा चैहान के बीच नए समीकरण?दृ
मौजूदा समय में भदोही सदर सीट से समाजवादी पार्टी के जाहिद बेग विधायक हैं, जिन्हें अखिलेश यादव का करीबी माना जाता है। पिछली बार भाजपा से रविंद्र नाथ त्रिपाठी विधायक रहे थे और इस बार भी भाजपा से उनकी दावेदारी मानी जा रही है। मुस्लिम आबादी की अच्छी-खासी हिस्सेदारी के चलते चर्चा है कि सपा जाहिद बेग को दोबारा उम्मीदवार बना सकती है। वहीं, हरिशंकर उर्फ दादा चैहान बसपा से प्रत्याशी रह चुके हैं। ऐसे में अमित सिंह प्रिंस के हर हाल में चुनाव लड़ने के ऐलान से तीनों प्रमुख दलों के संभावित उम्मीदवारों के सामने नए राजनीतिक समीकरणों की चुनौती खड़ी हो सकती है।
बोले- किसी को प्रतिद्वंद्वी नहीं मानता, हर रोज खुद से लड़ता हूंदृ
अमित सिंह प्रिंस ने कहा कि वह किसी को अपना प्रतिद्वंद्वी नहीं मानते, बल्कि हर रोज खुद से लड़ते हैं। उनका कहना है कि यदि जनप्रतिनिधियों ने वास्तव में भदोही पर ध्यान दिया होता, तो क्षेत्र की हालत ऐसी नहीं रहती। वह भदोही की तस्वीर बदलने और जनता की सेवा का अवसर पाने के लिए चुनाव मैदान में आ रहे हैं। उन्होंने अपनी दावेदारी के साथ ही लंबा-चैड़ा मेनिफेस्टो भी जारी किया है, जिसमें क्षेत्र के कई छोटे-बड़े मुद्दों को शामिल किया गया है।
फिलहाल अमित सिंह प्रिंस ने किसी राजनीतिक दल के साथ जाने को लेकर अपने पत्ते नहीं खोले हैं, लेकिन उनके चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद भदोही सदर सीट को लेकर सियासी गलियारों में हलचल बढ़ गई है। अब देखना होगा कि उनकी दावेदारी किस राजनीतिक दिशा में आगे बढ़ती है।