Abhinav Bindra ने Khelo India टैलेंट हंट को सराहा, बोले तुरंत नतीजों के पीछे न भागे सिस्टम
भारत के पहले व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा ने खेलो इंडिया टैलेंट हंट (Khelo India) की सराहना करते हुए भारतीय खेल इकोसिस्टम को एक महत्वपूर्ण सलाह दी है कि सिस्टम को तुरंत नतीजों (इमीडिएट रिजल्ट्स) के पीछे नहीं भागना चाहिए।
उनका मानना है कि खेल में जमीनी स्तर से प्रतिभाओं को निखारने के लिए धैर्य और दीर्घकालिक निवेश की आवश्यकता होती है।
📌 अभिनव बिंद्रा के बयान के मुख्य बिंदु
- धैर्य की आवश्यकता: बिंद्रा ने जोर देकर कहा कि किसी भी खिलाड़ी को विश्व स्तर पर तैयार करने में सालों की मेहनत लगती है। प्रशासनिक सिस्टम और खेल संघों को तुरंत मेडल की उम्मीद करने के बजाय खिलाड़ियों के विकास की प्रक्रिया पर भरोसा करना चाहिए।
- खेलो इंडिया की तारीफ: उन्होंने खेलो इंडिया योजना के तहत जमीनी स्तर पर युवा एथलीटों को पहचान देने और उन्हें मंच प्रदान करने के प्रयास को सराहा।
- लगातार समर्थन: उनका मानना है कि सही समय पर सही वैज्ञानिक और ढांचागत (इन्फ्रास्ट्रक्चर) सहायता मिलने से ही देश में एक मजबूत खेल संस्कृति विकसित हो सकती है।
क्या आप इस खबर के बारे में कुछ और विशेष जानना चाहते हैं, जैसे:
- यह बयान उन्होंने किस कार्यक्रम या इंटरव्यू के दौरान दिया?
- खेलो इंडिया टैलेंट हंट योजना के तहत खिलाड़ियों को क्या सुविधाएं मिलती हैं?
- भारतीय खेल प्रणाली (Sports System) को लेकर उनके अन्य सुझाव क्या हैं?