Home आस्था रक्षाबंधन पर दिखी हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल, बहनों ने मुंसब अली उस्मानी...

रक्षाबंधन पर दिखी हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल, बहनों ने मुंसब अली उस्मानी को बांधी राखी

मजहब की दीवारें मिटाकर बहनों ने बांधी राखी भाई चारे और इंसानियत की डोर ने रचा एकता का संदेश
KAUSHAMBI NEWS: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर ग्राम सभा कनवार में हिंदू-मुस्लिम एकता, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द की अनूठी तस्वीर देखने को मिली। जिला पंचायत सदस्य वार्ड नंबर 9 मुंसब अली उस्मानी ने रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में करीब 300 हिंदू बहनों से राखी बंधवाई। बहनों ने राखी बांधकर उनकी दीर्घायु, सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं मुंसब अली उस्मानी ने सभी बहनों को स्नेहपूर्वक आशीर्वाद देते हुए उनके सम्मान और सुख-समृद्धि की कामना की।रक्षाबंधन के अवसर पर मुंसब अली उस्मानी की ओर से करीब 300 बहनों को सम्मान स्वरूप साड़ियां भी भेंट की गईं। साड़ी पाकर बहनों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी। कार्यक्रम में ग्राम सभा के सम्मानित लोगों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण मौजूद रहे।इस आत्मीय आयोजन ने धर्म और मजहब की सीमाओं से ऊपर उठकर भाई-बहन के रिश्ते, आपसी प्रेम और सामाजिक एकता का संदेश दिया। करीब 300 बहनों का एक मुस्लिम जनप्रतिनिधि को राखी बांधना क्षेत्र में हिंदू-मुस्लिम एकता और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल के रूप में चर्चा का विषय रहा।इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य मुंसब अली उस्मानी ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं, बल्कि आपसी विश्वास, सम्मान और भाईचारे का भी प्रतीक है। समाज तभी मजबूत बनता है, जब सभी धर्मों और वर्गों के लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े हों। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का विकास और सभी वर्गों का सम्मान उनकी प्राथमिकता है।उन्होंने कहा कि गांव की तरक्की तभी संभव है, जब समाज में आपसी भाईचारा और एकता बनी रहे। जनप्रतिनिधि होने के नाते उनका प्रयास है कि क्षेत्र के प्रत्येक वर्ग के लोगों के बीच विश्वास कायम रहे और जरूरतमंदों की समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किया जाए।कार्यक्रम के माध्यम से भाईचारे, आपसी प्रेम, सम्मान और सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया गया। रक्षाबंधन के मौके पर सामने आई यह तस्वीर लोगों को यह संदेश देती नजर आई कि प्रेम और इंसानियत की डोर धर्म और मजहब की दीवारों से कहीं अधिक मजबूत होती है। ग्रामीणों ने भी कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे सामाजिक एकता और सौहार्द को मजबूत करने वाली पहल बताया।