Home उत्तर प्रदेश नाग पंचमी पर सकूलपुर में निःशुल्क बांटी जाती है जड़ी-बूटी

नाग पंचमी पर सकूलपुर में निःशुल्क बांटी जाती है जड़ी-बूटी

36 वर्षों से चली आ रही परंपरा
FATEHPUR NEWS: विकासखंड भिटौरा की ग्रामसभा सकूलपुर में नाग पंचमी के अवसर पर वर्षों पुरानी अनोखी परंपरा आज भी जारी है। गांव निवासी सोमदत्त तिवारी पिछले करीब 36 वर्षों से नाग पंचमी के दिन लोगों को एक विशेष जड़ी-बूटी निःशुल्क वितरित करते आ रहे हैं। जड़ी-बूटी लेने के लिए आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। बताया जाता है कि सोमदत्त तिवारी नाग पंचमी से करीब तीन दिन पहले घर से दूर पहाड़ी क्षेत्र में जाकर इस जड़ी-बूटी की तलाश करते हैं। जड़ी-बूटी मिलने के बाद उसे गांव लाकर नाग पंचमी के दिन सुबह से श्रद्धालुओं को निःशुल्क वितरित किया जाता है। ग्रामीणों के अनुसार यह परंपरा कई दशकों से चली आ रही है और हर वर्ष हजारों लोग जड़ी-बूटी लेने के लिए शुकुलपुर पहुंचते हैं। सोमदत्त तिवारी का दावा है कि नाग पंचमी के दिन इस जड़ी-बूटी का सेवन करने से पूरे वर्ष सर्प के स्पर्श से बचाव रहता है। हालांकि, इस दावे के समर्थन में किसी चिकित्सकीय या वैज्ञानिक प्रमाण का उल्लेख नहीं है। ऐसे में इसे स्थानीय आस्था और परंपरा के रूप में ही देखा जाता है। जड़ी-बूटी के वितरण के दौरान लोगों की भीड़ को देखते हुए सुबह से ही व्यवस्था शुरू कर दी जाती है। हिंदू धर्म में नाग पंचमी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु नाग देवता की पूजा-अर्चना करते हैं और दूध अर्पित करने की परंपरा निभाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नाग देवता की उपासना और मंत्र जाप से जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति होती है। ज्योतिषीय मान्यताओं में भी नाग पंचमी को राहु-केतु से जुड़ी पूजा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। सकूलपुर में नाग पंचमी पर जड़ी-बूटी का निःशुल्क वितरण वर्षों से आस्था, सेवा और परंपरा का केंद्र बना हुआ है। हर साल बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी इस आयोजन को क्षेत्र में खास पहचान दिलाती है।