व्यवसायियों ने डीएम से लगाई गुहार, विधि अनुसार संचालन की मांग
KUSHINAGAR NEWS: में वैध परमिट, फिटनेस, बीमा व टैक्स युक्त व्यवसायिक मालवाहक वाहनों के राज्य मार्गों, जिला मार्गों और ग्रामीण मार्गों पर आवागमन को लेकर व्यवसायियों ने जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की है। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि पिछले कुछ समय से बिना किसी लिखित सार्वजनिक आदेश के पुलिस और परिवहन कर्मी मौखिक रूप से वाहनों को रोक रहे हैं। कहा जा रहा है कि मालवाहक वाहन केवल राष्ट्रीय राजमार्ग पर ही चलेंगे। जबकि मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 66 के अनुसार वैध परमिट धारी वाहन पूरे राज्य में चल सकते हैं। व्यवसायियों का कहना है कि इस अनाधिकृत रोक के कारण वाहनों को 15-40 किमी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे ईंधन, समय और मजदूरी की भारी बर्बादी हो रही है। भाड़े की दरें बढ़ने से निर्माण कार्य महंगा हो गया है और इसका बोझ आम जनता पर पड़ रहा है। परिवहन व्यवसायी और चालक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।पत्र में संविधान के अनुच्छेद 19(1)(g) और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 115 व 177 का हवाला देते हुए मांग की गई है कि यदि कोई प्रतिबंध लगाना है तो सक्षम अधिकारी लिखित आदेश/अधिसूचना जारी कर कारण और वैकल्पिक मार्ग बताएं। अन्यथा मौखिक/अनाधिकृत प्रतिबंध हटाकर विधि के अनुसार वाहनों का आवागमन सुनिश्चित किया जाए। मुख्य रूप से बालू, मोरंग, गिट्टी व अन्य निर्माण सामग्री ढोने वाले वाहन इस समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।







