FATEHPUR NEWS: थाना थरियांव पुलिस ने कूटरचित दस्तावेजों के जरिए विभिन्न मामलों में फर्जी जमानत कराने वाले एक शातिर हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से फर्जी जमानत प्रपत्रों की प्रतियां तथा एक ही खतौनी और आधार कार्ड का बार-बार इस्तेमाल कर तैयार किए गए कूटरचित दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नया मुकदमा दर्ज कर न्यायालय भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक के निर्देशन में जनपद में अपराधियों, फर्जी और पेशेवर जमानतदारों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी थरियांव के नेतृत्व में मंगलवार को थाना थरियांव पुलिस क्षेत्र में गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम हंसवा निवासी हिस्ट्रीशीटर सतीश चंद्र उर्फ सतीश लोधी, जो कचहरी में मुंशीगिरी का कार्य करता है, फर्जी दस्तावेज तैयार कर विभिन्न आपराधिक मामलों में आरोपियों की जमानत कराने का काम करता है। सूचना के आधार पर पुलिस ने ग्राम हंसवा में दबिश देकर आरोपी सतीश चंद्र उर्फ सतीश लोधी पुत्र जगतपाल (47) को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि आरोपी ने जनपद के विभिन्न थानों से संबंधित करीब आठ मुकदमों में एक ही खतौनी और आधार कार्ड की प्रतियों का बार-बार इस्तेमाल कर फर्जी जमानत कराई थी। तलाशी के दौरान उसके पास से विभिन्न मुकदमों से संबंधित फर्जी जमानत प्रपत्रों की छायाप्रतियां तथा कूटरचित अभिलेख बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से यह कार्य करता था। उसने स्वीकार किया कि एक ही अचल संपत्ति की खतौनी और आधार कार्ड का उपयोग कर सात से आठ अभियुक्तों की जमानत कराई। आरोपी ने यह भी माना कि जमानत प्रपत्रों में लगाए गए दस्तावेज वास्तविक तथ्यों के अनुरूप नहीं थे और उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत कर जमानत प्राप्त की जाती थी। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध थाना थरियांव में मुकदमा अपराध संख्या 189/2026, धारा 316, 318(2), 227, 323 एवं 338 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय भेज दिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी सतीश चंद्र उर्फ सतीश लोधी के खिलाफ पहले से भी लूट, चोरी का माल रखने, आबकारी अधिनियम, आर्म्स एक्ट तथा गुंडा एक्ट समेत कई मुकदमे दर्ज हैं। वर्तमान कार्रवाई में अपराध निरीक्षक सुरजीत कुमार, हेड कांस्टेबल पंकज त्रिपाठी, रिक्रूट कांस्टेबल राहुल यादव, विपिन पटेल तथा महिला कांस्टेबल वर्तिका यादव शामिल रहीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनपद में फर्जी दस्तावेजों के सहारे न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।







