सपा अल्पसंख्यक सभा ने प्रदर्शन कर राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
FATEHPUR NEWS: समाजवादी अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष मोहम्मद सलमान ने उत्तर प्रदेश की राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी फतेहपुर को ज्ञापन सौंपकर रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त किए जाने की प्रस्तावित कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि विश्वविद्यालय हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के भविष्य से जुड़ा संस्थान है। किसी भी प्रशासनिक या कानूनी विवाद का समाधान संविधान और कानून के दायरे में किया जाना चाहिए, ताकि छात्रों की शिक्षा प्रभावित न हो। ज्ञापन के अनुसार, विश्वविद्यालय की स्थापना रामपुर क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के उद्देश्य से की गई थी। ऐसे में भवनों को ध्वस्त करने की कार्रवाई से विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होने की आशंका है। मोहम्मद सलमान ने अपने ज्ञापन में दावा किया है कि विश्वविद्यालय के निर्माण के समय संबंधित ग्राम पंचायत क्षेत्र में उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 अथवा अन्य किसी विधिक प्रावधान के तहत निर्माण अनुमति लेने की बाध्यता नहीं थी। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया कि संबंधित क्षेत्र को 27 सितंबर 2024 को रामपुर विकास प्राधिकरण में शामिल किया गया, जबकि विश्वविद्यालय का निर्माण उससे पहले ही पूरा हो चुका था। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि प्रस्तावित कार्रवाई राजनीतिक द्वेष से प्रेरित प्रतीत होती है और इससे शिक्षा के अधिकार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने राज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने तथा किसी भी कठोर कार्रवाई से पहले सभी कानूनी पहलुओं पर विचार करने का अनुरोध किया है। वहीं समाजवादी अल्पसंख्यक सभा ने मांग की है कि विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त करने की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए और विवाद का समाधान विधिसम्मत एवं न्यायसंगत तरीके से किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में मोहम्मद सलमान (जिला अध्यक्ष, अल्पसंख्यक सभा), सदर विधायक चंद्र प्रकाश लोधी, यूनुस खान, सुहैल खान ‘हेमू’, वसीम खान, रफ़ात, अय्यूब खान, हाजी सिराज, इसरार खान, सोनू वर्मा, सुनील उमराव, इमरान नेता, अखिलेश सविता, फैजी समाजवादी, मनोज यादव, आशीष नामदेव, मोहम्मद मुस्तकीम, रविन्द्र यादव, शमीम अहमद, संदीप माली, इक़रार अहमद, रईस अहमद, फ़ैज़ आलम, शनि लोधी, रामकिशोर प्रजापति, शिव शंकर यादव, धर्मपाल दिवाकर, फिरोज शाह, ऐनुल हसन, राम दुलारे पासवान, कलीम अहमद, इब्राहिम अहमद, विजय सिंह, बबलू यादव, राकेश दिवाकर, नावेद, नासिर, वहीद कुरैशी, इक़रार बेग, तुफैल अहमद, मोहम्मद अहमद, आरिफ खान, मोहम्मद शाहनवाज, सईद प्रधान, मोहम्मद सलमान एवं फखरुद्दीन सहित बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।







