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बोर्ड बैठक के फैसलों पर चार महीने से ब्रेक, सभासदों ने खोला पालिका प्रशासन के खिलाफ मोर्चा

एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं हुई तो नगर पालिका कार्यालय में धरना-प्रदर्शन की चेतावनी
FATEHPUR NEWS: नगर पालिका परिषद फतेहपुर की 15 अप्रैल 2026 को हुई बोर्ड बैठक में सर्वसम्मति से पारित जनहित के प्रस्तावों पर चार महीने बाद भी अमल न होने से सभासदों का धैर्य जवाब दे गया। सोमवार को विभिन्न वार्डों के सभासदों ने अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर लंबित प्रस्तावों को तत्काल लागू कराने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई शुरू नहीं हुई तो नगर पालिका कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। सभासदों ने आरोप लगाया कि बोर्ड बैठक नगर पालिका की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है, लेकिन उसके निर्णयों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव आज भी फाइलों में कैद हैं, जिससे शहर का विकास प्रभावित हो रहा है और आम जनता को मूलभूत सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। ज्ञापन में कहा गया कि अटल बिहारी पार्क के बेहतर संचालन के लिए किसी सक्षम संस्था या फर्म को जिम्मेदारी सौंपने का प्रस्ताव पारित किया गया था, लेकिन चार महीने बाद भी इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी तरह झाऊपुर क्षेत्र में प्रस्तावित साउथ सिटी जोन कार्यालय के निर्माण का कार्य भी शुरू नहीं कराया गया है। सभासदों ने शहर की सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि फुटपाथों, खाली मैदानों और सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। बोर्ड बैठक में सफाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए चार सफाई कर्मचारियों की भर्ती का प्रस्ताव पारित किया गया था, लेकिन उस पर भी अमल नहीं हुआ। उन्होंने सावन माह को देखते हुए मंदिरों और प्रमुख मार्गों पर विशेष सफाई अभियान, नालियों की सफाई, कूड़ा उठान और जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की। ज्ञापन में नगर पालिका के लिए शव वाहन खरीदने के प्रस्ताव को भी शीघ्र लागू करने की मांग उठाई गई। सभासदों का कहना है कि शववा हन उपलब्ध न होने से गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा विभिन्न विकास कार्यों से संबंधित निविदाओं के सफल ठेकेदारों के साथ एक सप्ताह के भीतर अनुबंध कर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग भी की गई। सभासदों ने शासनादेश के अनुरूप कंप्यूटर ऑपरेटरों की आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्ति किए जाने के प्रस्ताव को भी लागू करने पर जोर दिया। उनका कहना है कि इससे कार्यालय के कार्यों में पारदर्शिता आएगी और नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध सेवाएं मिल सकेंगी। ज्ञापन के माध्यम से सभासदों ने स्पष्ट किया कि यदि सात दिन के भीतर बोर्ड बैठक में पारित प्रस्तावों पर ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हुई तो वे नगर पालिका परिषद कार्यालय में लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की व्यवस्था संबंधी जिम्मेदारी पालिका प्रशासन की होगी। नगर पालिका के बोर्ड प्रस्तावों को लेकर सभासदों की खुली नाराजगी के बाद अब निगाहें अधिशासी अधिकारी और पालिका प्रशासन पर टिकी हैं कि वे जनहित से जुड़े लंबित प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए कितनी शीघ्र पहल करते हैं।