PRAYAGRAJ NEWS: कौंधियारा थाना परिसर में शनिवार को आयोजित थाना दिवस (संपूर्ण समाधान दिवस) उस समय महज औपचारिकता बनकर रह गया, जब क्षेत्र के दूर-दराज इलाकों से अपनी उम्मीदें लेकर पहुंचे फरियादियों की एक भी समस्या का मौके पर निस्तारण नहीं हो सका। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ तहसीलदार राजेश कुमार पाल भी मौजूद थे, लेकिन इसके बावजूद राजस्व और पुलिस से जुड़े मामलों में कोई राहत नहीं मिल पाई।सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, आज के थाना दिवस में विशेष तौर पर जमीन और राजस्व विभाग से संबंधित कुल 5 प्रमुख शिकायतें दर्ज कराई गईं। इन सभी मामलों में भूमि विवाद, जमीनी कब्जा और आपसी बंटवारे से जुड़े गंभीर मुद्दे शामिल थे। फरियादी इस उम्मीद में आए थे कि तहसीलदार की मौजूदगी के कारण उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं का आज त्वरित निस्तारण हो जाएगा, लेकिन मौके पर एक भी शिकायत का समाधान नहीं किया जा सका। पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल थाना दिवस शासन और प्रशासन की एक ऐसी पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर ही जनता की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान करना होता है ताकि फरियादियों को तहसील और जिला मुख्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें। लेकिन कौंधियारा थाने में आयोजित इस समाधान दिवस की जमीनी तस्वीर इसके बिल्कुल विपरीत नजर आई। फरियादियों का आरोप है कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की उदासीनता के कारण उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। घंटों लाइन में खड़े रहने और अपनी फरियाद सुनाने के बाद भी जब अंततः खाली हाथ लौटना पड़ा, तो क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश और निराशा देखने को मिली।







