Home उत्तर प्रदेश जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में फतेहपुर बार एसोसिएशन का प्रदर्शन

जंतर-मंतर लाठीचार्ज के विरोध में फतेहपुर बार एसोसिएशन का प्रदर्शन

राष्ट्रपति के नाम डीएम को सौंपा ज्ञापन
FATEHPUR NEWS: दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक और शिक्षा सुधार की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज एवं दमनात्मक कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को फतेहपुर जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट बाबू सिंह यादव के नेतृत्व में अधिवक्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे और राष्ट्रपति को संबोधित मांगपत्र जिलाधिकारी को सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर देशभर से आए छात्र और युवा नीट पेपर लीक, राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में कथित भ्रष्टाचार तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर कई दिनों से शांतिपूर्ण धरना और भूख हड़ताल कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में पेपर लीक के दोषियों पर कार्रवाई, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को भंग करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग शामिल थी। अधिवक्ताओं का आरोप है कि छात्रों से संवाद स्थापित करने के बजाय पुलिस, अर्धसैनिक बलों और सिविल ड्रेस में मौजूद कुछ लोगों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया। ज्ञापन में दावा किया गया कि इस दौरान छात्रों के साथ अभद्रता की गई, उनके कपड़े फाड़े गए और कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए। बार एसोसिएशन ने मांग की कि पूरे प्रकरण की उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से न्यायिक जांच कराई जाए। साथ ही लाठीचार्ज का आदेश देने वाले अधिकारियों, कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मियों और अन्य संबंधित लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाए। ज्ञापन में घायल छात्रों को समुचित उपचार एवं मुआवजा दिए जाने, नीट पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए छात्र संगठनों से संवाद स्थापित करने की भी मांग की गई। इस दौरान जगनायक सिंह सचान, गणेश तिवारी, श्रीराम पटेल, मोहम्मद शाहजहां, बृजेंद्र सिंह यादव, इंद्रजीत सिंह यादव, अश्वनी कुमार, जितेंद्र शर्मा, योगेंद्र कुमार, जसवीर सिंह, कमरुद्दीन, देव प्रकाश उमराव, सतीश शर्मा, छविनाथ द्विवेदी, धीरेंद्र यादव, राजू सिंह यादव, प्रशांत सिंह सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।