बालिग होते ही खुला लाखों की संपत्ति से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का राज
पीड़िता ने पुलिस से धोखाधड़ी और कूटरचना का मुकदमा दर्ज करने की लगाई गुहार
FATEHPUR NEWS: हथगांव थाना क्षेत्र के रायपुर मुवारी गांव में नाबालिग भाई-बहन की पैतृक भूमि हड़पने के लिए कथित रूप से फर्जी दस्तावेज तैयार कर नामांतरण कराने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता अलशिफा बानो ने थाना हथगांव में तहरीर देकर आरोप लगाया है कि संरक्षिका होने का लाभ उठाते हुए उसकी दादी सहित कई लोगों ने मिलकर नाबालिगों की संपत्ति का अवैध तरीके से बैनामा कराया और बाद में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय को गुमराह करते हुए नामांतरण भी कराया। पीड़िता ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर संबंधित लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
पीड़िता अलशिफा बानो ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसके पिता स्वर्गीय मोसिम तथा दादा स्वर्गीय मकसूद के निधन के बाद पैतृक संपत्ति उसके और उसके नाबालिग भाई मोहम्मद सोएफ के नाम दर्ज थी। दोनों के नाबालिग होने के कारण उनकी दादी सफीकुन निशा को राजस्व अभिलेखों में संरक्षिका के रूप में दर्ज किया गया था। पीड़िता का आरोप है कि इसी अधिकार का दुरुपयोग करते हुए सफीकुन निशा ने गांव की ही राबिया बानो समेत अन्य लोगों के साथ मिलकर 4 जून 2022 को सक्षम न्यायालय की अनुमति के बिना नाबालिगों की पैतृक भूमि का बैनामा करा दिया। शिकायत के अनुसार इस बैनामे में मोहम्मद उमर (निवासी – अंजना कबीर, थाना – खखरेरू) और अजमल खान (निवासी – सूपा सनगांव, थाना – कोतवाली फतेहपुर) गवाह बने, जबकि सभी को यह जानकारी थी कि संबंधित भूमि नाबालिगों की संपत्ति है। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि नामांतरण वाद को 26 जुलाई 2022 को नायब तहसीलदार, हथगांव ने साक्ष्यों के अभाव में खारिज कर दिया था। इसके बाद रेस्टोरेशन वाद दाखिल कर कथित रूप से फर्जी शपथ पत्र, फर्जी आधार कार्ड तथा अन्य कूटरचित दस्तावेज न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। इतना ही नहीं, आरोप है कि प्रार्थिनी और उसके भाई के स्थान पर अन्य व्यक्तियों को न्यायालय में पेश कर प्रतिरूपण (इम्पर्सनेशन) भी कराया गया। अलशिफा बानो का कहना है कि जनवरी 2026 में बालिग होने के बाद उसने अपनी पैतृक भूमि से जुड़े अभिलेखों की जानकारी जुटानी शुरू की। 15 जुलाई 2026 को न्यायालय की पत्रावली का निरीक्षण करने पर उसे कथित फर्जीवाड़े की जानकारी मिली। उसने दावा किया कि न्यायालय में लगाए गए आधार कार्डों के नंबरों का ऑनलाइन सत्यापन कराने पर वे किसी अन्य व्यक्तियों के नाम पर पाए गए, जिससे पूरे मामले में जालसाजी की आशंका और गहरा गई। पीड़िता ने पुलिस से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर संबंधित लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी, कूटरचना, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, न्यायालय में उनका प्रयोग करने तथा नाबालिगों की संपत्ति हड़पने के प्रयास जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। वहीं इस मामले में हथगाम थाना के प्रभारी निरीक्षक अरुण चतुर्वेदी ने मामले में पीड़ित को न्याय दिलाए जाने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही किए जाने की बात कही गई।







