वैष्णवी सोनकर बोलीं- विद्यार्थियों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था जरूरी
FATEHPUR NEWS: प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों और छात्रों के भविष्य को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच बिंदकी क्षेत्र के सौंहपुर गांव निवासी वैष्णवी सोनकर ने अपनी कविता के माध्यम से व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अपनी रचना में विद्यार्थियों की मेहनत, निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए सुधार की आवश्यकता पर बल दिया है। वैष्णवी सोनकर का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत पर पानी फेर देती हैं और देश के विकास की राह में भी बड़ी बाधा बनती जा रही हैं। उन्होंने अपनी कविता के माध्यम से परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। कविता में उन्होंने यह भी उल्लेख किया है कि जब छात्र अपने भविष्य और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते हैं, तो उन्हें अपेक्षित समाधान के बजाय कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। उनके अनुसार, विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनकर उनका समाधान किया जाना चाहिए। वैष्णवी ने अपनी रचना में यह भी कहा है कि छात्रों का संघर्ष किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध का नहीं, बल्कि अपने भविष्य, रोजगार और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था की मांग से जुड़ा हुआ है। उन्होंने माना कि इस मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण विषय विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा और शिक्षा व्यवस्था में विश्वास कायम रखना है। उन्होंने सरकार और संबंधित संस्थाओं से पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित होगा तभी राष्ट्र का भविष्य भी मजबूत होगा। उनकी कविता सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है और कई युवा इसे अपनी भावनाओं की अभिव्यक्ति बता रहे हैं।







