FATEHPUR NEWS: जनपद के परिषदीय विद्यालयों में 16 से 22 जुलाई तक भूजल सप्ताह मनाया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को सिराथू के उच्च प्राथमिक विद्यालय नौगीरा में जल संरक्षण व भूजल संवर्धन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं व शिक्षकों ने जल संरक्षण की शपथ ली व पोस्टर और निबंध प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर भूजल बचाने का संदेश दिया। विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाध्यापक विकास कुमार ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि भूजल जीवन का सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है, लेकिन लगातार बढ़ते दोहन व जल के दुरुपयोग से इसका स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। यदि समय रहते सभी लोग जल संरक्षण के प्रति गंभीर नहीं हुए तो भविष्य में पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से वर्षा जल संचयन (रेनवाटर हार्वेस्टिंग) अपनाने, अधिक से अधिक पौधे लगाने, अनावश्यक रूप से नल खुला न छोड़ने व पानी की प्रत्येक बूंद का सदुपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चे स्वयं जल संरक्षण का संकल्प लें व अपने परिवार और समाज को भी इसके लिए प्रेरित करें। इस दौरान विद्यार्थियों ने आकर्षक पोस्टरों व निबंधों के माध्यम से भूजल संरक्षण के महत्व को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। शिक्षकों ने बताया कि भूजल सप्ताह की शुरुआत वर्ष 2019 में जल शक्ति मंत्रालय द्वारा की गई थी। इसका उद्देश्य लोगों को भूजल संरक्षण के प्रति जागरूक करना, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना व जल के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि बढ़ती जल खपत, भूजल के अत्यधिक दोहन व रासायनिक प्रदूषण के कारण भूजल स्तर लगातार प्रभावित हो रहा है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ही जल संकट से बचा जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी ने सामूहिक रूप से जल संरक्षण की शपथ ली व “भूजल बचाओ, जीवन बचाओ” का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। विद्यालय परिसर पूरे समय जल संरक्षण संबंधी नारों से गूंजता रहा।







