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‘पौधों की बारात’ निकालकर दिया हरियाली का संदेश, वन महोत्सव के तहत चला जन-जागरूकता अभियान

सीडीओ एवं डीएफओ ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना
FATEHPUR NEWS: वन महोत्सव के अंतर्गत पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से शुक्रवार को प्रभागीय वन कार्यालय फतेहपुर से “पौधों की बारात” निकाली गई। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) एवं प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवी संगठनों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही।”पौधों की बारात” का उद्देश्य लोगों में वृक्षारोपण के प्रति जागरूकता पैदा करना तथा पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देना था। रैली में शामिल प्रतिभागियों ने हाथों में पौधे और जागरूकता संबंधी तख्तियां लेकर शहरवासियों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया। पूरे मार्ग में पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बढ़ाने एवं प्रकृति के संरक्षण से जुड़े नारों के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में जिला समन्वयक मनरेगा (डीसी-मनरेगा), क्षेत्रीय वनाधिकारी (आरएफओ), वन विभाग के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी, सरस्वती विद्या मंदिर के छात्र-छात्राएं तथा विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए। विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेश प्रस्तुत किए और लोगों से अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि वृक्ष पृथ्वी के जीवन का आधार हैं। वे न केवल स्वच्छ वायु उपलब्ध कराते हैं, बल्कि जल संरक्षण, वर्षा चक्र के संतुलन, मिट्टी के कटाव को रोकने, जैव विविधता के संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों को कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि बढ़ते तापमान और पर्यावरणीय चुनौतियों के इस दौर में प्रत्येक नागरिक को वृक्षारोपण को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझना चाहिए। अधिकारियों ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा और नियमित देखभाल भी उतनी ही आवश्यक है। यदि प्रत्येक व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित करे, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वन महोत्सव के दौरान जनपद भर में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें विभिन्न सरकारी विभागों, शिक्षण संस्थानों, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि जनपद में हरित आवरण बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज में स्थायी जागरूकता विकसित की जा सके।