Home उत्तर प्रदेश अलविदा खामेनाई भारतवासियों के हृदय में हमेशा जीवित रहेंगे आप:अमरेश चंद्र पाण्डेय

अलविदा खामेनाई भारतवासियों के हृदय में हमेशा जीवित रहेंगे आप:अमरेश चंद्र पाण्डेय

MIRZAPUR NEWS:  (अमरेश चंद्र पाण्डेय)  भारत और ईरान के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई के निधन की खबर ने ईरान ही नहीं, बल्कि दुनिया के अनेक देशों में शोक की लहर पैदा कर दी है। श्रद्धांजलि व्यक्त करते हुए पूर्व प्रबंधक रमाशंकर दूबे व पत्रकार अभय कुमार त्रिपाठी ने कहा कि खामेनेई एक जिंदादिल इंसान थे और भारत व भारतवासियों के प्रति उनके मन में विशेष सम्मान और स्नेह था। उन्होंने कहा कि खामेनेई का व्यक्तित्व और उनके विचार लंबे समय तक लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे। तेहरान में आयोजित अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि समारोह में करोड़ों लोगों की भीड़ उमड़ी। ईरान के शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व के साथ-साथ विभिन्न देशों से आए प्रतिनिधिमंडलों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। सबसे पहले श्रद्धांजलि देने वालों में आईआरजीसी के कमांडर-इन-चीफ ब्रिगेडियर जनरल अहमद वाहिदी भी शामिल रहे। बताया जा रहा है कि अयातुल्लाह अली खामेनेई के पार्थिव शरीर को 9 जुलाई को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। श्रद्धांजलि समारोह में उस समय भावुक माहौल बन गया जब खामेनेई के पार्थिव शरीर के साथ उनके परिवार के कई सदस्यों के ताबूत भी रखे गए। इनमें 14 महीने की उनकी मासूम पोती का ताबूत भी शामिल था। इस दृश्य को देखकर हजारों लोगों की आंखें नम हो गईं। तेहरान की ग्रैंड मोसल्ला मस्जिद में महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं सहित बड़ी संख्या में लोग अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई देने पहुंचे। दुनिया के लगभग 100 देशों से राजनीतिक प्रतिनिधियों, धार्मिक विद्वानों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, सांस्कृतिक हस्तियों और मीडिया प्रतिनिधियों ने तेहरान पहुंचकर खामेनेई और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। स्पेन, ब्राजील, अर्जेंटीना, चीन, रूस, तुर्किये, इराक, लेबनान, मलेशिया, पाकिस्तान, भारत सहित अनेक देशों के प्रतिनिधिमंडल इस अवसर पर मौजूद रहे। भारत सरकार की ओर से विदेश राज्य मंत्री पवित्रा मार्गेरिटा तथा बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ तेहरान पहुंचकर अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। इसके अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती तथा लखनऊ व जम्मू-कश्मीर के शिया धर्मगुरु और सामाजिक प्रतिनिधि भी अंतिम विदाई समारोह में शामिल हुए।इराक की संसद के अध्यक्ष महमूद अल-मशहदानी, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि तथा कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियां भी अंतिम श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुईं। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान समेत देश के शीर्ष नेताओं ने खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह के दौरान कई नेताओं और आम नागरिकों की आंखें नम दिखाई दीं। खामेनेई का निधन केवल ईरान की क्षति नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए दुखद है जो उन्हें एक प्रभावशाली धार्मिक और राजनीतिक नेता के रूप में देखते थे। ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति और शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की गई।