JHANSI NEWS: बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (बीयू) और इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (इंटैक) झांसी चैप्टर के बीच गुरुवार को एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत विश्वविद्यालय परिसर में ‘इंटैक-बीयू सेंटर फॉर हेरिटेज मैनेजमेंट एंड कंजर्वेशन की स्थापना की जाएगी, जिससे बुंदेलखंड की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, शोध और प्रबंधन को नई दिशा मिलेगी। एमओयू का उद्देश्य पुरातत्व, सांस्कृतिक विरासत, संरक्षण एवं प्रबंधन के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान, शिक्षा, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना है। इसके अंतर्गत विश्वविद्यालय में अत्याधुनिक कंजर्वेशन लैब भी स्थापित की जाएगी, जहां विरासत संरक्षण से जुड़े वैज्ञानिक परीक्षण और प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित होंगे। समझौते के तहत दोनों संस्थाएं मिलकर बुंदेलखंड क्षेत्र के उन ऐतिहासिक स्मारकों और धरोहरों के संरक्षण पर विशेष कार्य करेंगी, जो भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) या राज्य पुरातत्व विभाग के संरक्षण में नहीं हैं। इसके अलावा अल्पकालिक पाठ्यक्रम, कार्यशालाएं, सेमिनार, व्याख्यान, प्रदर्शनियां तथा ऑडियो-विजुअल शिक्षण सामग्री और अकादमिक जर्नल का भी प्रकाशन किया जाएगा। इस अवसर पर कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय, कुलसचिव ज्ञानेन्द्र कुमार, आईक्यूएसी निदेशक प्रो. सुनील कुमार काबिया, प्रो. अवनीश कुमार, डॉ. ऋषि सक्सेना, डॉ. हितिका यादव, हेमन्त चंद्रा एवं चन्द्रभान प्रजापति उपस्थित रहे। वहीं इंटैक मुख्यालय से गवर्निंग काउंसिल सदस्य एवं चैप्टर्स डिवीजन एडवाइजरी कमेटी के चेयरमैन नीलकमल माहेश्वरी तथा इंटैक झांसी चैप्टर के संयोजक राजेंद्र कुमार राय भी मौजूद रहे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे बुंदेलखंड की समृद्ध ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि यह सहयोग छात्रों, शोधार्थियों और स्थानीय समुदायों में सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ क्षेत्र की अमूल्य धरोहरों को संरक्षित करने में मील का पत्थर साबित होगा।
Home उत्तर प्रदेश बुंदेलखंड विश्वविद्यालय–इंटैक के बीच ऐतिहासिक एमओयू, परिसर में बनेगा हेरिटेज मैनेजमेंट सेंटर







