25 फायरमैन समेत कई पद खाली, तीन नए फायर स्टेशन स्वीकृत लेकिन संसाधनों का इंतजार
नए फायर स्टेशनों की घोषणा के बावजूद व्यवस्था अधूरी, ब्लॉक स्तर पर केंद्र खोलने की कवायद शुरू
30 लाख आबादी वाले फतेहपुर में 4200 वर्ग किलोमीटर में सिर्फ तीन फायर स्टेशन
FATEHPUR NEWS: शीबू खान आग लगने की घटनाओं पर समय रहते काबू पाने की जिम्मेदारी निभाने वाला अग्निशमन विभाग स्वयं संसाधनों और कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहा है। जिले में स्थिति यह है कि जिला मुख्यालय पर तीन फायर टेंडर और एक रेस्क्यू वाहन के संचालन के लिए मात्र एक चालक उपलब्ध है। ऐसे में किसी बड़े अग्निकांड की स्थिति में विभाग की कार्यक्षमता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। करीब 30 लाख की आबादी और लगभग 4200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाले फतेहपुर जिले में वर्तमान में केवल फतेहपुर, बिंदकी और खागा में ही अग्निशमन केंद्र संचालित हैं। जिले के भौगोलिक विस्तार और बढ़ती आबादी के मुकाबले यह व्यवस्था अपर्याप्त मानी जा रही है। विभाग में अधिकारियों और कर्मचारियों के कई पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अग्निशमन द्वितीय अधिकारी के दो पद, लीडिंग फायरमैन के तीन पद तथा फायर सर्विस चालक के चार पद खाली हैं। वहीं फायरमैन के स्वीकृत 53 पदों में से 25 पद रिक्त हैं, जिससे आधी क्षमता के साथ ही विभाग कार्य करने को विवश है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विकास खंड स्तर पर अग्निशमन केंद्र स्थापित करने की घोषणा के बाद जिले में भी इस दिशा में प्रक्रिया शुरू हो गई है। हुसैनगंज विधायक ऊषा मौर्य और अयाह शाह विधायक विकास गुप्ता द्वारा विधानसभा में यह मुद्दा उठाए जाने के बाद जहानाबाद, खखरेरू और असोथर में नए अग्निशमन केंद्रों की स्वीकृति मिल चुकी है। इन केंद्रों के लिए भूमि का आवंटन भी हो चुका है और उम्मीद जताई जा रही है कि आगामी वित्तीय वर्ष तक इनका निर्माण शुरू हो सकेगा। विकास खंड स्तर पर नए अग्निशमन केंद्रों की स्थापना के लिए भी प्रशासनिक कवायद तेज हो गई है। अपर जिलाधिकारी द्वारा संबंधित उपजिलाधिकारियों को भूमि आवंटन की कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती नए केंद्रों के लिए पर्याप्त स्टाफ, वाहन और अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इस मामले में मुख्य अग्निशमन अधिकारी जसबीर सिंह ने बताया कि उपलब्ध संसाधनों के अनुसार आग की घटनाओं से निपटने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जिले में तीन नए अग्निशमन केंद्र खोले जाने की प्रक्रिया चल रही है। साथ ही विकास खंड स्तर पर भी अग्निशमन केंद्रों की स्थापना के लिए भूमि आवंटन की कार्रवाई की जा रही है। जिले में लगातार बढ़ रही आबादी, राष्ट्रीय राजमार्गों पर बढ़ते यातायात और औद्योगिक गतिविधियों के मद्देनजर अग्निशमन सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। ऐसे में नए केंद्रों के साथ-साथ पर्याप्त मानव संसाधन और आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी, ताकि आपात स्थितियों में समय पर प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जा सके।







